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लेख/सम सामयिकी
मतदाता सूची की छंटनी या जनतंत्र पर प्रहार
देश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल अब गंभीर संवैधानिक बहस का रूप ले चुके हैं। जिस प्रक्रिया को मतदाता सूचियों को अद्यतन और शुद्ध बनाने के लिए शुरू किया गया था वही अब बड़े पैमाने पर…
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अमेरिकी राष्ट्रपति पर हमला मतलब सुरक्षा में भारी चूक
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर इस बार भय और असुरक्षा का प्रतीक बन गया। जिस मंच को प्रेस की स्वतंत्रता और सत्ता के संवाद का उत्सव माना जाता रहा है वहीं गोलियों की आवाज ने पूरे माहौल को दहशत…
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आम आदमी पार्टी में दरार या राजनीति की नई चाल
भारतीय राजनीति में दल बदल कोई नई घटना नहीं है लेकिन जब यह किसी उभरती पार्टी के भीतर होता है तो इसके संकेत दूर तक जाते हैं। हालिया घटनाक्रम जिसमें राघव चड्ढा और कुछ राज्यसभा सांसदों के पार्टी से अलग होने से आम आदमी पार्टी की आंतरिक स्थिति पर…
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पश्चिमी बंगाल की बंपर वोटिंग रचेगी नया इतिहास
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 89.93 प्रतिशत मतदान केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि लोकतंत्र की गहराती जड़ों का संकेत है। इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं का घरों से निकलकर मतदान केंद्रों तक पहुंचना यह साबित करता है कि अब जनता…
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पचपदरा की आग और सियासत का धुआं
पचपदरा में उठी आग की लपटें सिर्फ एक औद्योगिक हादसा नहीं रहीं। उन्होंने राजस्थान की सियासत, प्रशासनिक तैयारियों और विकास मॉडल पर गहरे सवाल खड़े कर दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित दौरा टलना इस घटना को और भी संवेदनशील बना गया। जिस…
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न्यायपालिका बनाम विधायिका टकराव पर संवैधानिक प्रश्र
दिल्ली की राजनीति में हाल में उभरा जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा और अरविंद केजरीवाल से जुड़ा विवाद केवल एक कानूनी प्रकरण नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र की संस्थागत संरचना की परीक्षा भी बन गया है। यह प्रश्न स्वाभाविक है कि क्या यह मामला…
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युद्ध की आहट में महंगाई की चुनौती और भारत की रणनीति
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव विशेष रूप से अमरीका और ईरान के बीच टकराव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिरता की ओर धकेल दिया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों परिवहन लागत और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है और…
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संसद में पारित नहीं हो पाया महिला आरक्षण बिल
लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में बदलाव से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पारित न हो पाना केवल एक विधायी असफलता नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र की जटिलताओं को भी उजागर करता है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में प्रस्तावित संशोधन के जरिए महिलाओं को…
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संसद में पारित नहीं हो पाया महिला आरक्षण बिल
नई दिल्ली । लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में बदलाव से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका। जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण यह बिल गिर गया। इसके साथ ही सरकार ने अन्य दो महत्वपूर्ण विधेयकों परिसीमन बिल और केंद्र शासित प्रदेश…
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महिला आरक्षण पर उलझन या राजनीति ? नारी शक्ति वंदन अधिनियम की असली चुनौती
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को भारतीय लोकतंत्र में एक बड़े बदलाव के रूप में पेश किया गया है। दशकों से लंबित महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का सपना अब कानून की शक्ल में सामने है, लेकिन इसकी राह उतनी साफ नहीं दिख रही जितनी दिखाई जा रही है। संसद…
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