Browsing Category

लेख/सम सामयिकी

पांच राज्यों में चुनावी महापर्व: क्षेत्रीय दल बनाम राष्ट्रीय दल की बड़ी परीक्षा

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां होने वाले चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों की जीवंतता और शक्ति का सबसे बड़ा प्रमाण माने जाते हैं। एक बार फिर देश में चुनावी महापर्व का शंखनाद हो चुका है। पांच राज्यों पश्चिम बंगाल तमिलनाडु असम केरल…
Read More...

ट्रम्प की टैरिफ राजनीति और भारत के खिलाफ आर्थिक दबाव की नई रणनीति

वैश्विक व्यापार की राजनीति अक्सर केवल आर्थिक हितों तक सीमित नहीं रहती बल्कि इसके पीछे भू-राजनीतिक रणनीतियां और शक्ति संतुलन की जटिल चालें भी छिपी होती हैं। हाल ही में अमेरिका द्वारा भारत और चीन सहित 16 प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों के…
Read More...

गरिमापूर्ण मृत्यु का अधिकार और न्याय की संवेदनशीलता

देश की अदालतें हर वर्ष अनेक गंभीर मामलों में कठोर निर्णय सुनाती हैं। कई बार अपराध की प्रकृति इतनी भयावह होती है कि अदालतें दोषियों को फांसी तक की सजा देती हैं और यह न्याय व्यवस्था की जिम्मेदारी का हिस्सा होता है। लेकिन कुछ फैसले ऐसे होते…
Read More...

संसद में हंगामा और वास्तविक मुद्दों से भटकती राजनीति

भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में संसद केवल कानून बनाने की संस्था नहीं है बल्कि वह राष्ट्रीय चिंतन और जनभावनाओं का सर्वोच्च मंच भी है। यहां होने वाली बहसें और निर्णय देश की नीतियों की दिशा तय करते हैं। इसलिए जब संसद में गंभीर विषयों पर विचार…
Read More...

Nepal Elections : नेपाल की नई राजनीति का चेहरा बालेन शाह

नेपाल की राजनीति लंबे समय से पारंपरिक दलों और स्थापित नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती रही है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वहां एक नया राजनीतिक बदलाव दिखाई दे रहा है। इस बदलाव के केंद्र में एक युवा चेहरा तेजी से उभरा है जिसका नाम बालेन शाह है।…
Read More...

US-Israel-Iran War : युद्ध नहीं शांति ही बदलती दुनिया की अनिवार्य अपेक्षा

दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहां शक्ति संतुलन की पुरानी संरचनाएं टूट रही हैं और नई विश्व व्यवस्था अभी स्थिर रूप नहीं ले सकी है। ऐसे समय में अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय टकराव नहीं बल्कि वैश्विक असंतुलन का…
Read More...

दिल्ली आबकारी नीति प्रकरण: बरी शब्द से परे न्यायिक जवाबदेही और क्षतिपूर्ति की अनिवार्यता

दिल्ली आबकारी नीति प्रकरण में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित 23 आरोपितों को 27 फरवरी 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद देश में न्यायिक जवाबदेही अभियोजन की गुणवत्ता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की…
Read More...

कथित शराब नीति मामले में अदालत से बरी हुए केजरीवाल, जांच एजेंसी पर प्रश्र चिन्ह

 दिल्ली की कथित शराब नीति घोटाला मामले में अदालत द्वारा 23 आरोपितों को बरी किए जाने का फैसला केवल एक कानूनी निर्णय नहीं, बल्कि देश की राजनीति और जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी व्यापक विमर्श का अवसर है। यह मामला शुरुआत से ही राजनीतिक…
Read More...

मोदी का इजरायल दौरा: बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच रणनीतिक संतुलन

प्रधानमंत्री का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया गहरे अस्थिर दौर से गुजर रहा है। संघर्ष, गाज़ा की मानवीय त्रासदी और क्षेत्रीय ध्रुवीकरण ने वैश्विक राजनीति को नई दिशा दी है। ऐसे में भारत की कूटनीति के सामने सबसे बड़ी चुनौती…
Read More...

तकनीकी दावों की पारदर्शिता पर उठते सवाल

देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक को लेकर लगातार नए दावे किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय, शोध संस्थान और निजी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन कर रही हैं। इसी क्रम में हाल ही में आयोजित एक एआई…
Read More...