मैं देश की ऐसी पहली राष्ट्रपति हूं जिसका जन्म आजाद भारत में हुआ: द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली। भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को शपथ ले ली है । भारत के मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमण ने संसद के सेंट्रल हॉल में उन को पद की शपथ दिलाई।
निवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और मुर्मू शपथ ग्रहण शुरू होने से कुछ समय पहले एक औपचारिक जुलूस में संसद पहुंचे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए रवाना होने से पहले द्रौपदी मुर्मू अगले पांच साल के लिए राष्ट्रपति भवन अपने घर और कार्यालय पहुंची जहां कोविंद और उनकी पत्नी सविता ने उनका स्वागत किया। इससे पहले सुबह मुर्मू ने राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। सर्वोच्च संवैधानिक पद संभालने वाली पहली आदिवासी महिला और स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्र के नाम पहले संबोधन में कहा उन्होंने कहा मैं देश की ऐसी पहली राष्ट्रपति भी हूं जिसका जन्म आजाद भारत में हुआ है। प्रगतिशील भारत का नेतृत्व करते हुए आज मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान कहा हमारे स्वाधीनता सेनानियों ने आजाद हिंदुस्तान के नागरिकों से जो अपेक्षाएं की थीं उनकी पूर्ति के लिए इस अमृतकाल में हमें तेज गति से काम करना है। इन 25 वर्षों में अमृतकाल की सिद्धि का रास्ता दो पटरियों पर आगे बढ़ेगा- सबका प्रयास और सबका कर्तव्य। उन्होंने कहा, मैं आज समस्त देशवासियों को, विशेषकर भारत के युवाओं को तथा भारत की महिलाओं को ये विश्वास दिलाती हूं कि इस पद पर कार्य करते हुए मेरे लिए उनके हित सर्वोपरि होंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मंत्रिपरिषद के सदस्य, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजनयिक मिशन के प्रमुख, सांसद और सरकार के प्रमुख नागरिक और सैन्य अधिकारी शामिल हुए।