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लेख/सम सामयिकी

महिला आरक्षण से बदलेगा लोकतंत्र का स्वरूप

16 अप्रैल आज से शुरू हो रहा संसद का विशेष सत्र भारतीय लोकतंत्र के लिए एक निर्णायक मोड़ लेकर आया है। लंबे इंतजार और व्यापक राजनीतिक बहस के बाद पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम अब देश की राजनीतिक संरचना में ऐतिहासिक बदलाव की आधारशिला बनने जा…
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बिहार में भाजपा का युग: एक नया राजनीतिक अध्याय

राजनीति का स्वभाव ही अनिश्चितता से भरा होता है। खासकर नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेता के संदर्भ में यह और भी स्पष्ट हो जाता है, जिनके फैसले अक्सर राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा देते रहे हैं। बिहार की राजनीति लंबे समय से जातीय समीकरणों और…
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अंबेडकर केवल नाम नहीं विचारों की क्रांति

भारत के सामाजिक राजनीतिक और संवैधानिक इतिहास में डॉ. भीमराव अंबेडकर का व्यक्तित्व एक ऐसे विराट बौद्धिक और नैतिक शिखर के रूप में स्थापित है जिसने भारतीय समाज की जड़ता को चुनौती देते हुए उसे समता न्याय और बंधुत्व के आधुनिक मूल्यों से आलोकित…
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ईरान-अमेरिका-पाकिस्तान त्रिकोणीय कूटनीति

पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष और अस्थायी युद्धविराम के बाद वैश्विक कूटनीति की नजरें अब इस्लामाबाद पर टिकी हैं जहां ईरान और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय वार्ता चल रही है। यह वार्ता केवल दो देशों के बीच संवाद नहीं बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन…
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युद्ध की आग में जलती दुनिया शांति ही असली शक्ति

दुनिया एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ ताकत के प्रदर्शन धमकियों और सैन्य गतिविधियों के बीच मानवता की आवाज दबती नजर आती है। हाल के घटनाक्रमों ने यह सवाल फिर से खड़ा कर दिया है कि आखिर युद्ध से किसी को क्या मिलता है। क्या यह केवल शक्ति…
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महिला आरक्षण: लोकतंत्र की नई दिशा

स्वतंत्र भारत के 75 वर्षों के सफर में महिलाओं ने समाज, परिवार, अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। सेना, प्रशासन, चिकित्सा, शिक्षा, कानून और व्यापार जैसे क्षेत्रों में उनकी भागीदारी लगातार…
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केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक — सुरक्षा और संतुलन की असली परीक्षा

भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भूमिका रीढ़ के समान है। सीमाओं की निगरानी से लेकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना और आपदा के समय राहत कार्यों तक, इन बलों ने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में अपनी…
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आस्था के मेले या मौत के जाल

बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में 31 मार्च 2026 को हुई भगदड़ ने एक बार फिर देश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मरने वालों में अधिकांश महिलाएं थीं। घटना के बाद…
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रुपये की गिरावट पर लगाम या नए संकट की शुरुआत?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। इसका सीधा असर भारतीय रुपये पर पड़ा है, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होता हुआ 95.30 के स्तर तक पहुंच गया है।…
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युद्धविराम की राजनीति और शांति की वास्तविक चुनौती

वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जब कई क्षेत्रों में संघर्ष और अस्थिरता बढ़ रही है, तब यह प्रश्न स्वाभाविक है कि क्या अमेरिका वास्तव में युद्धविराम की दिशा में निर्णायक कदम उठाएगा। इसका उत्तर सरल नहीं है, क्योंकि यह केवल मानवीय चिंताओं से नहीं…
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