Browsing Category

लेख/सम सामयिकी

मुनाफे के खेल में दांव पर है जिंदगी

दवा केवल एक उत्पाद नहीं होती बल्कि जीवन और मृत्यु के बीच खड़ी उम्मीद होती है। मरीज जब डॉक्टर की पर्ची लेकर मेडिकल स्टोर पहुंचता है तो उसके मन में यह अटूट विश्वास होता है कि जो दवा वह खरीद रहा है वह उसके रोग का उपचार करेगी। यदि वही दवा…
Read More...

खेल कूटनीति की नई पारी और भारत की वैश्विक पहचान

क्रिकेट भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच केवल एक खेल नहीं बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और आपसी विश्वास का सबसे मजबूत माध्यम रहा है। अब यदि बिग बैश लीग का उद्घाटन मुकाबला भारत की धरती पर आयोजित होता है तो यह दोनों देशों के संबंधों में खेल कूटनीति का…
Read More...

मध्य पूर्व की जंग और दुनिया के सामने बढ़ता संकट

मध्य पूर्व एक बार फिर ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित करेगा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां कूटनीति पीछे…
Read More...

व्यापार समझौता बराबरी का हो दबाव का नहीं

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता केवल दो देशों के बीच आर्थिक साझेदारी का विषय नहीं है बल्कि यह भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति औद्योगिक विकास और रणनीतिक स्वायत्तता से भी जुड़ा हुआ प्रश्न है। दोनों देशों ने संकेत दिए हैं…
Read More...

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और जवाबदेही की कसौटी

अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। ऐसे में मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी से जुड़े आरोपों ने स्वाभाविक रूप से गंभीर चिंता पैदा की है। समाचारों के अनुसार जांच के दौरान कई…
Read More...

आतंकवाद पर शून्य सहिष्णुता ही राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार

भारत के सामने आतंकवाद आज भी सबसे गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों में से एक बना हुआ है। पिछले कई दशकों में देश ने सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद, घुसपैठ, हथियारों की तस्करी और कट्टरपंथी नेटवर्क के रूप में अनेक चुनौतियों का सामना…
Read More...

भ्रष्टाचार पर प्रहार की चुनौती: केवल नारे नहीं व्यवस्था और समाज दोनों में बदलाव जरूरी

भ्रष्टाचार आज केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व के अधिकांश देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। यह केवल आर्थिक संसाधनों की चोरी नहीं बल्कि शासन व्यवस्था जनविश्वास और विकास की गति को कमजोर करने वाला गंभीर सामाजिक अपराध भी है। जब…
Read More...

चिकित्सा में सेवा भावना का पुनर्जागरण जरूरी

हर वर्ष 1 जुलाई को भारत में डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। यह दिन महान चिकित्सक, शिक्षाविद् और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र राय की स्मृति को समर्पित है। उन्होंने चिकित्सा को केवल जीविका का साधन नहीं बल्कि मानव सेवा का…
Read More...

661 करोड़ का सवाल: जवाबदेही किसकी?

हरियाणा में सामने आया 661 करोड़ रुपये के कथित आईडीएफसी बैंक प्रकरण केवल एक वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं है बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही वित्तीय अनुशासन और शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता की भी गंभीर परीक्षा बन गया है। इस मामले में वरिष्ठ…
Read More...

विदेशी विश्वविद्यालयों का आगमन: भारतीय उच्च शिक्षा के लिए नई दिशा

भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था एक ऐसे परिवर्तनकारी दौर से गुजर रही है जो आने वाले वर्षों में देश की शैक्षणिक तस्वीर को पूरी तरह बदल सकता है। लंबे समय तक गुणवत्तापूर्ण वैश्विक शिक्षा प्राप्त करने के लिए भारतीय विद्यार्थियों को विदेशों का रुख…
Read More...