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लेख/सम सामयिकी

दवाओं में मिलावट : स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहराता संकट

देश में हाल ही में सामने आई अमानक और गुणवत्ता में फेल दवाओं की खबरों ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। जिन दवाओं को लोग अपने जीवन की रक्षा और बीमारी से मुक्ति की आशा में खरीदते हैं यदि वही दवाएं उनके शरीर में जहर का काम करने लगें तो यह…
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आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, पश्चिम एशिया संकट, बढ़ती महंगाई और ऊर्जा असंतुलन के इस दौर में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देशवासियों से बचत बढ़ाने, अनावश्यक खर्चों से बचने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील अत्यंत दूरदर्शी और समयानुकूल…
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नीट-यूजी 2026 विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली पर फिर खड़े किए गंभीर सवाल

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 का कथित पेपर लीक के कारण रद्द होना केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि भारत की पूरी प्रतिस्पर्धी परीक्षा व्यवस्था पर गहरा अविश्वास पैदा करने वाली घटना है। करोड़ों विद्यार्थियों की…
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75 वर्षों में राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बना सोमनाथ

भारत की सांस्कृतिक आत्मा और सनातन आस्था के प्रतीक सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होना केवल एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, आत्मसम्मान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह अवसर हमें उस ऐतिहासिक…
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राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक सतर्कता का संतुलन

भारत ने विदेशी निवेश नीति में हालिया सख्ती के जरिए यह स्पष्ट संकेत दिया है कि अब आर्थिक फैसले केवल व्यापारिक लाभ और विकास दर के आधार पर नहीं लिए जाएंगे, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जाएगी। पाकिस्तान से आने वाले…
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बदलते राजनीतिक समीकरण और लोकतंत्र का नया दौर

भारत के हालिया विधानसभा चुनावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की राजनीति तेजी से बदल रही है। अब चुनाव केवल विकास कार्यों या पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि भावनात्मक नैरेटिव सांस्कृतिक पहचान नेतृत्व की छवि और…
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बंगाल का बदलता मिज़ाज—क्या सच में एक नए दौर की शुरुआत?

पांच राज्यों के चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा जिस तरीके से प्रचंड जीत हासिल की है उससे यह तय है कि भारतीय जनता पार्टी की चुनाव प्रबंधतंत्र बहुत मजबूती के साथ लड़ती है कि जी जान लगा देती है । पश्चिम बंगाल की राजनीति में आई हालिया हलचल ने…
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भीषण गर्मी की गिरफ्त में भारत

ग्लोबल वार्मिंग अब कोई दूर की आशंका नहीं बल्कि वर्तमान की कठोर सच्चाई बन चुकी है। भारत इस संकट की सबसे तेज मार झेल रहा है। हालिया तापमान आंकड़े बताते हैं कि दुनिया के सबसे गर्म शहरों में भारत का दबदबा खतरनाक संकेत दे रहा है। अप्रैल में ही…
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डिजिटल जाल में फंसता समाज और साइबर सुरक्षा की चुनौती

डिजिटल युग ने जीवन को सरल बनाया है लेकिन इसके साथ एक ऐसा खतरा भी तेजी से बढ़ा है जो अब सामाजिक और आर्थिक संकट का रूप लेता जा रहा है। यह खतरा है साइबर अपराध का। ऑनलाइन बैंकिंग डिजिटल पेमेंट ई कॉमर्स और सोशल मीडिया के विस्तार ने जहां सुविधा…
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मतदाता सूची की छंटनी या जनतंत्र पर प्रहार

देश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल अब गंभीर संवैधानिक बहस का रूप ले चुके हैं। जिस प्रक्रिया को मतदाता सूचियों को अद्यतन और शुद्ध बनाने के लिए शुरू किया गया था वही अब बड़े पैमाने पर…
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