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लेख/सम सामयिकी
सत्य निकेतन हादसा: संवेदनहीनता और जिम्मेदारी का सवाल
देश की राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत का अचानक ढह जाना केवल एक दर्दनाक हादसा नहीं है बल्कि यह राजधानी में छात्रों और किरायेदारों की सुरक्षा को लेकर सरकारी व्यवस्था की गंभीर खामियों को भी उजागर करता है।…
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EOS-5 की सफलता: अंतरिक्ष से धरती की बेहतर निगरानी
पृथ्वी अवलोकन उपग्रह अब केवल अंतरिक्ष विज्ञान की उपलब्धि नहीं रह गए हैं बल्कि शासन व्यवस्था आपदा प्रबंधन कृषि पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपकरण बन चुके हैं। पृथ्वी की सतह वायुमंडल और महासागरों में होने वाले…
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संकट के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूत रफ्तार
दुनिया इस समय युद्ध, ऊर्जा संकट और व्यापारिक तनाव जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बदली वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने तेल और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ाया है। वहीं अमेरिका के साथ टैरिफ को…
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कर्ज की कटौती और व्यवस्था पर सवाल
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण द्वारा सुभाष चंद्र बैंक के करीब 22 हजार करोड़ रुपये के दावों के निपटारे को महज 6.5 करोड़ रुपये में अस्थायी मंजूरी दिए जाने के मामले ने देश की बैंकिंग और दिवालियापन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।…
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बदलते मौसम की गंभीर चेतावनी
धरती का बदलता मिजाज अब केवल वैज्ञानिकों और मौसम विशेषज्ञों की चिंता नहीं रह गया है। इसका असर आम आदमी के जीवन से लेकर खेती स्वास्थ्य जल संसाधन और अर्थव्यवस्था तक साफ दिखाई देने लगा है। कहीं भीषण गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है तो कहीं कुछ…
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लघु उद्योगों से मजबूत होती आत्मनिर्भर भारत की नींव
भारत की आर्थिक प्रगति का आकलन केवल बड़े कारखानों बड़े निवेश और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विस्तार से नहीं किया जा सकता। देश की असली आर्थिक ताकत का एक बड़ा हिस्सा गांवों कस्बों और छोटे शहरों में चलने वाली लाखों लघु औद्योगिक इकाइयों में भी…
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नेपाल का संकट भारत के लिए भी चिंता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने एक बार फिर मानव सभ्यता के सामने प्रकृति की ताकत का आईना रख दिया है। देखते ही देखते शांत बहने वाली नदियां विनाश की धारा बन गईं। घर उजड़ गए। सड़कें और पुल बह गए। वाहन सैलाब में समा गए और अनेक परिवार अपनों…
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बांग्लादेश का बदलता रुख भारत के लिए नई रणनीतिक चुनौती
दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीति भारत के सामने अब एक ऐसी चुनौती खड़ी कर रही है जिसे केवल भारत-पाकिस्तान संबंधों के पुराने चश्मे से नहीं देखा जा सकता। बांग्लादेश का सऊदी अरब तुर्की और पाकिस्तान के बीच बने नए रक्षा ढांचे में शामिल होने के…
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यूपीआई पर शुल्क की आहट से उठे सवाल
यूपीआई आज भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े कारोबारी तक इसके जरिए बिना अतिरिक्त शुल्क के भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लगाने की संभावित व्यवस्था ने…
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मुफ्तखोरी की बाढ़ लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा
तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कड़गम की गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम यानी ‘मामा की सोने की अंगूठी योजना’ की घोषणा की है। इस योजना की औपचारिक शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुराई की जयंती पर 15…
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