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लेख/सम सामयिकी

न्यायपालिका बनाम विधायिका टकराव पर संवैधानिक प्रश्र

दिल्ली की राजनीति में हाल में उभरा जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा और अरविंद केजरीवाल से जुड़ा विवाद केवल एक कानूनी प्रकरण नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र की संस्थागत संरचना की परीक्षा भी बन गया है। यह प्रश्न स्वाभाविक है कि क्या यह मामला…
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युद्ध की आहट में महंगाई की चुनौती और भारत की रणनीति

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव विशेष रूप से अमरीका और ईरान के बीच टकराव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिरता की ओर धकेल दिया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों परिवहन लागत और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है और…
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संसद में पारित नहीं हो पाया महिला आरक्षण बिल

लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में बदलाव से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पारित न हो पाना केवल एक विधायी असफलता नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र की जटिलताओं को भी उजागर करता है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में प्रस्तावित संशोधन के जरिए महिलाओं को…
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संसद में पारित नहीं हो पाया महिला आरक्षण बिल

नई दिल्ली । लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में बदलाव से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका। जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण यह बिल गिर गया। इसके साथ ही सरकार ने अन्य दो महत्वपूर्ण विधेयकों परिसीमन बिल और केंद्र शासित प्रदेश…
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महिला आरक्षण पर उलझन या राजनीति ? नारी शक्ति वंदन अधिनियम की असली चुनौती

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को भारतीय लोकतंत्र में एक बड़े बदलाव के रूप में पेश किया गया है। दशकों से लंबित महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का सपना अब कानून की शक्ल में सामने है, लेकिन इसकी राह उतनी साफ नहीं दिख रही जितनी दिखाई जा रही है। संसद…
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महिला आरक्षण से बदलेगा लोकतंत्र का स्वरूप

16 अप्रैल आज से शुरू हो रहा संसद का विशेष सत्र भारतीय लोकतंत्र के लिए एक निर्णायक मोड़ लेकर आया है। लंबे इंतजार और व्यापक राजनीतिक बहस के बाद पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम अब देश की राजनीतिक संरचना में ऐतिहासिक बदलाव की आधारशिला बनने जा…
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बिहार में भाजपा का युग: एक नया राजनीतिक अध्याय

राजनीति का स्वभाव ही अनिश्चितता से भरा होता है। खासकर नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेता के संदर्भ में यह और भी स्पष्ट हो जाता है, जिनके फैसले अक्सर राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा देते रहे हैं। बिहार की राजनीति लंबे समय से जातीय समीकरणों और…
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अंबेडकर केवल नाम नहीं विचारों की क्रांति

भारत के सामाजिक राजनीतिक और संवैधानिक इतिहास में डॉ. भीमराव अंबेडकर का व्यक्तित्व एक ऐसे विराट बौद्धिक और नैतिक शिखर के रूप में स्थापित है जिसने भारतीय समाज की जड़ता को चुनौती देते हुए उसे समता न्याय और बंधुत्व के आधुनिक मूल्यों से आलोकित…
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ईरान-अमेरिका-पाकिस्तान त्रिकोणीय कूटनीति

पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष और अस्थायी युद्धविराम के बाद वैश्विक कूटनीति की नजरें अब इस्लामाबाद पर टिकी हैं जहां ईरान और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय वार्ता चल रही है। यह वार्ता केवल दो देशों के बीच संवाद नहीं बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन…
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युद्ध की आग में जलती दुनिया शांति ही असली शक्ति

दुनिया एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ ताकत के प्रदर्शन धमकियों और सैन्य गतिविधियों के बीच मानवता की आवाज दबती नजर आती है। हाल के घटनाक्रमों ने यह सवाल फिर से खड़ा कर दिया है कि आखिर युद्ध से किसी को क्या मिलता है। क्या यह केवल शक्ति…
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