Browsing Category

लेख/सम सामयिकी

बाल मजदूरी उन्मूलन : केवल कानून नहीं, कारणों और नए स्वरूपों पर भी प्रहार आवश्यक

हेमा जोशी (उप रजिस्ट्रार) बाल मजदूरी आज भी हमारे समाज की सबसे गंभीर सामाजिक चुनौतियों में से एक है। प्रायः इसे केवल कानून के उल्लंघन के रूप में देखा जाता है और काम कराने वालों के विरुद्ध कार्रवाई को ही इसका समाधान माना जाता है।…
Read More...

कब थमेगी नन्हे हाथों से मजदूरी?

(लेखक- दिलीप कुमार पाठक) यह हमारे समाज का एक ऐसा कड़वा सच है जिसे हम रोज देखते हैं और देखकर भी आगे बढ़ जाते हैं। एक तरफ वे बच्चे हैं जो सुबह-सुबह अच्छे कपड़े पहनकर, भारी-भारी बैग टांगे स्कूल जाते दिखते हैं। उनकी आंखों में ढेर सारे…
Read More...

शिक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल और युवाओं का बढ़ता आक्रोश

देश की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग होता है। यही युवा किसी भी राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। लेकिन जब यही युवा बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों और व्यवस्था की उदासीनता का शिकार होने लगें तो स्वाभाविक रूप से असंतोष और आक्रोश जन्म लेता…
Read More...

अग्निकांड : हादसा नहीं, व्यवस्था के लिए चेतावनी

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर देश की शहरी सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। इस दर्दनाक घटना में कई लोगों की जान चली गई और अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यह केवल एक आग लगने…
Read More...

नई आईआईपी श्रृंखला : बदलते औद्योगिक भारत का सटीक प्रतिबिंब

भारत आज विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। ऐसे समय में देश की आर्थिक प्रगति का सही आकलन करने के लिए आवश्यक है कि सांख्यिकीय संकेतक भी समय के अनुरूप अद्यतन हों। इसी दिशा में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक…
Read More...

इबोला का बढ़ता खतरा : सतर्कता और वैज्ञानिक तैयारी की जरूरत

कांगो में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस ने एक बार फिर दुनिया की चिंताओं को बढ़ा दिया है। अफ्रीका के जंगलों से निकलकर यह घातक बीमारी वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए नई चुनौती बनती दिखाई दे रही है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के इटुरी…
Read More...

क्रिकेट का बदलता दौर और वैभव सूर्यवंशी की नई उड़ान

भारतीय क्रिकेट आज जिस ऊंचाई पर खड़ा है वहां पहुंचने के पीछे कई पीढ़ियों की मेहनत, संघर्ष और खेल के प्रति समर्पण छिपा हुआ है। आईपीएल 2026 में बिहार के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है उसने…
Read More...

ईरान-इस्राइल विवाद : प्रचार, वास्तविकता और विश्व शांति का प्रश्न

मध्य पूर्व की राजनीति दशकों से वैश्विक शक्तियों के हितों, वैचारिक संघर्षों और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र रही है। इस पूरे परिदृश्य में ईरान और इस्राइल के बीच टकराव को अक्सर विश्व राजनीति के सबसे संवेदनशील मुद्दों में गिना जाता है।…
Read More...

सत्य, सरोकार और संघर्ष की दो शताब्दियों की गौरवगाथा है हिंदी पत्रकारिता

30 मई हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में केवल एक तिथि नहीं, बल्कि जनचेतना, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक परिवर्तन की एक महान परंपरा का प्रतीक है। इसी दिन वर्ष 1826 में पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने कलकत्ता से हिंदी के प्रथम समाचार पत्र ‘उदन्त…
Read More...

हरित भविष्य की ओर भारतीय रेल की ऐतिहासिक छलांग

भारत आज जिस तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है, वह केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भी एक नई पहचान गढ़ रहा है। इस परिवर्तन की सबसे मजबूत झलक भारतीय रेल के आधुनिक…
Read More...