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लेख/सम सामयिकी
राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक सतर्कता का संतुलन
भारत ने विदेशी निवेश नीति में हालिया सख्ती के जरिए यह स्पष्ट संकेत दिया है कि अब आर्थिक फैसले केवल व्यापारिक लाभ और विकास दर के आधार पर नहीं लिए जाएंगे, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जाएगी। पाकिस्तान से आने वाले…
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बदलते राजनीतिक समीकरण और लोकतंत्र का नया दौर
भारत के हालिया विधानसभा चुनावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की राजनीति तेजी से बदल रही है। अब चुनाव केवल विकास कार्यों या पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि भावनात्मक नैरेटिव सांस्कृतिक पहचान नेतृत्व की छवि और…
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बंगाल का बदलता मिज़ाज—क्या सच में एक नए दौर की शुरुआत?
पांच राज्यों के चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा जिस तरीके से प्रचंड जीत हासिल की है उससे यह तय है कि भारतीय जनता पार्टी की चुनाव प्रबंधतंत्र बहुत मजबूती के साथ लड़ती है कि जी जान लगा देती है । पश्चिम बंगाल की राजनीति में आई हालिया हलचल ने…
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भीषण गर्मी की गिरफ्त में भारत
ग्लोबल वार्मिंग अब कोई दूर की आशंका नहीं बल्कि वर्तमान की कठोर सच्चाई बन चुकी है। भारत इस संकट की सबसे तेज मार झेल रहा है। हालिया तापमान आंकड़े बताते हैं कि दुनिया के सबसे गर्म शहरों में भारत का दबदबा खतरनाक संकेत दे रहा है। अप्रैल में ही…
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डिजिटल जाल में फंसता समाज और साइबर सुरक्षा की चुनौती
डिजिटल युग ने जीवन को सरल बनाया है लेकिन इसके साथ एक ऐसा खतरा भी तेजी से बढ़ा है जो अब सामाजिक और आर्थिक संकट का रूप लेता जा रहा है। यह खतरा है साइबर अपराध का। ऑनलाइन बैंकिंग डिजिटल पेमेंट ई कॉमर्स और सोशल मीडिया के विस्तार ने जहां सुविधा…
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मतदाता सूची की छंटनी या जनतंत्र पर प्रहार
देश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल अब गंभीर संवैधानिक बहस का रूप ले चुके हैं। जिस प्रक्रिया को मतदाता सूचियों को अद्यतन और शुद्ध बनाने के लिए शुरू किया गया था वही अब बड़े पैमाने पर…
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अमेरिकी राष्ट्रपति पर हमला मतलब सुरक्षा में भारी चूक
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर इस बार भय और असुरक्षा का प्रतीक बन गया। जिस मंच को प्रेस की स्वतंत्रता और सत्ता के संवाद का उत्सव माना जाता रहा है वहीं गोलियों की आवाज ने पूरे माहौल को दहशत…
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आम आदमी पार्टी में दरार या राजनीति की नई चाल
भारतीय राजनीति में दल बदल कोई नई घटना नहीं है लेकिन जब यह किसी उभरती पार्टी के भीतर होता है तो इसके संकेत दूर तक जाते हैं। हालिया घटनाक्रम जिसमें राघव चड्ढा और कुछ राज्यसभा सांसदों के पार्टी से अलग होने से आम आदमी पार्टी की आंतरिक स्थिति पर…
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पश्चिमी बंगाल की बंपर वोटिंग रचेगी नया इतिहास
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 89.93 प्रतिशत मतदान केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि लोकतंत्र की गहराती जड़ों का संकेत है। इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं का घरों से निकलकर मतदान केंद्रों तक पहुंचना यह साबित करता है कि अब जनता…
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पचपदरा की आग और सियासत का धुआं
पचपदरा में उठी आग की लपटें सिर्फ एक औद्योगिक हादसा नहीं रहीं। उन्होंने राजस्थान की सियासत, प्रशासनिक तैयारियों और विकास मॉडल पर गहरे सवाल खड़े कर दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित दौरा टलना इस घटना को और भी संवेदनशील बना गया। जिस…
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