जनवादी कवि महेंद्र प्रकाश सक्सेना हुमा नहीं रहे

मथुरा। जनपद के साहित्य जगत की धरोहर, हिंदी और उर्दू साहित्य में राष्ट्रीय स्तर पर अपना विशेष स्थान रखने वाले जनवादी कवि महेंद्र प्रकाश सक्सेना का शुक्रवार को सुबह 7:30 बजे देहांत हो गया है जिनकी अंत्येष्टि दोपहर 3 बजे मसानी मथुरा स्थित मोक्षधाम पर विधि विधान से हुई ।
कौमी एकता मंच के संस्थापक मधुवन दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट के अनुसार महेंद्र प्रकाश सक्सेना “हुमा” साहब की कृति आबशार को विगत वर्ष ही उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अदम गोंडवी सर्जना पुरुस्कार से पुरुस्कृत किया गया था। श्री हुमा साहब की गजलों ने ब्रज और जनपद का नाम न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर रौशन किया था वरन उनकी लेखनी ने सदैव जनता और मेहनतकश वर्ग के साथ उसकी आवाज में हिमायत की थी। उनका निधन जनपद के सभी जनवादी लोगों और समूचे साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति है।