मथुरा। जिला अस्पताल की कायाकल्प करने का जिम्मा मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने अब अपने कंधो पर ले लिया है। ड्रेनेज सिस्टम एवं क्षति ग्रस्त चाहरदीवारी बनाने की कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है वहीं जर्जर आवास और भवन का स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने जिला अस्पताल की दुर्दशा सुधारने के लिए रविवार को मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप से विचार विमर्श किया जिसके चलते सोमवार को उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप सचिव राजेश कुमार सिंह के साथ अपने इंजीनियरों की टीम लेकर जिला अस्पताल पहुंचे वहां मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ मुकुंद बंसल ने अवगत कराया कि समूचे जिला अस्पताल प्रांगण में बारिश के समय जलभराव हो जाता है जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा टूटी चाहरदीवारी से असामाजिक तत्व परिसर में कृत्य करने से बाज नहीं आते उनकी मौजूदगी से चिकित्सक स्टाफ और मरीजों को भारी परेशानी होती है।
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष नगेन्द्र प्रताप को सीएमएस ने जर्जर भवन भी दिखाएं। इस संबंध में प्राधिकरण उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप ने अवगत कराया कि समूचे जिला अस्पताल का ड्रेनेज सिस्टम नए सिरे से तैयार किया जाएगा ताकि यहां जलभराव ना हो सके। चाहरदीवारी भी नई बना दी जाएगी जिस पर होने वाला व्यय प्राधिकरण की अवस्थापना निधि से किया जाएगा। जर्जर और गिरासू भवनों के निर्माण के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय को स्टीमेट बनाकर भेजा जाएगा। बीते साल भी अस्पताल परिसर में प्राधिकरण द्वारा सड़क बनवाई गई थी। निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के मुख्य अभियंता आरके जयसवाल अधिशासी अभियंता संजय नादर सहायक अभियंता राजेश्वर सिंह अवर अभियंता एस डी पालीवाल और डा भूदेव सिंह मौजूद रहे।
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