मथुरा में तेल माफिया की 5 करोड़ रु से अधिक की सम्पत्ति कुर्क

मथुरा। जिला प्रशासन ने आज उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत तेल माफिया सुजीत प्रधान की अवैध रूप से अर्जित 5 करोड़ 30 लाख 87 हजार की अचल संपत्ति को कुर्क करने की बड़ी कार्रवाई की है। हाईवे पुलिस ने यह कार्रवाई एसडीएम सदर क्रांति शेखर सिंह और पुलिस उपाधीक्षक रिफाइनरी की मौजूदगी में की है। एसएसपी के अनुसार तेल माफिया सुजीत के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने के आदेश जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल द्वारा किए गए हैं। हाईवे के पाली खेड़ा ग्राम निवासी सुजीत प्रधान पुत्र रघुवीर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में चार अभियोग पंजीकृत हैं। पुलिस ने राजस्व विभाग के लेखपाल कर्मियों के साथ शनिवार को सन 2013 में सुजीत प्रधान द्वारा अपने व अपने भाई अभिजीत के नाम खरीदी गई कई जमीनो को करते हुए वहां सरकार के पक्ष में जमीन कुर्क करने का जिला मजिस्ट्रेट की आज्ञा का बोर्ड लगा दिया है। पुलिस की इस कार्यवाही से माफियाओ के होश फाख्ता हो गए है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर मामले में जानकारी देते हुए।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर के द्वारा अपराधियों के विरूद्ध धारा 14(1) उ.प्र. गिरोहबन्द एव समाज-विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 के अन्तर्गत सम्पत्ति कुर्की के चलाये जा रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी रिफाइनरी तथा प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार थाना हाईवे के कुशल नेतृत्व में थाना हाईवे पर पंजीकृत मु.अ.सं. 907/17 धारा 2/3 उ.प्र. गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप (निवारण) अधिनियम 1986 थाना हाईवे मथुरा में तेल माफिया/अभियुक्त सुजीत प्रधान पुत्र रघुवीर निवासी पाली खेड़ा थाना हाईवे जनपद मथुरा जिसके द्वारा वर्ष 2017 से संज्ञेय/असंज्ञेय अपराध में संलिप्त रहकर अवैध रूप से सम्पत्ति अर्जित की गयी थी । अभियुक्त द्वारा विगत कई वर्षों से संज्ञेय व असंज्ञेय अपराध कारित किये गये हैं जिससे उसकी आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है जबकि उसकी आय का कोई ठोस ज्ञात स्रोत नहीं है। अभियुक्त सुजीत द्वारा ज्ञात/ अज्ञात अपराध से पिछले कई वर्षों मे अपने व अपने भाई के नाम अचल सम्पत्ति अर्जित की गयी है। अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति को धारा 14(1) गैगेस्टर एक्ट के अन्तर्गत कुर्क करने हेतु जिलाधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित की गई जिनके द्वारा सम्पत्ति को 28 मई 21 को कुर्क किये जाने के आदेश पारित किया गया।