मथुरा जंक्शन पर औचक निरीक्षण में अव्यवस्थाएं उजागर, खानपान में ओवरचार्जिंग पर उठे सवाल

मथुरा। रेलवे जंक्शन पर यात्री सुविधाओं और व्यवस्थाओं की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब जोनल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य योगेन्द्र चतुर्वेदी ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर कई खामियां पाई गईं, जिनमें खानपान वस्तुओं की ओवरचार्जिंग और मूलभूत सुविधाओं की कमी प्रमुख रही।
योगेन्द्र चतुर्वेदी ने विभिन्न खानपान स्टालों का निरीक्षण किया जहां अधिकांश जगहों पर खाद्य सामग्री खुले में रखी मिली। साथ ही चाय, पानी, समोसे समेत अन्य वस्तुएं निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेची जा रही थीं। उदाहरण के तौर पर दो समोसे 20 रुपये की जगह 30 रुपये, पानी की बोतल 14 की जगह 20 रुपये और चाय 5 रुपये के बजाय 10 रुपये में बेची जा रही थी। प्लेटफार्म संख्या 2/3 पर स्थित भोलेशंकर स्टाल सहित स्टाल नंबर 6 और 7 पर भी ओवरचार्जिंग की शिकायतें मिलीं।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि स्टेशन के सार्वजनिक शौचालयों पर उपयोगिता शुल्क का कोई बोर्ड प्रदर्शित नहीं था और यात्रियों से मनमाने पैसे वसूले जा रहे थे। किसी भी स्टाल पर बिलिंग मशीन चालू नहीं मिली। कई स्टाल संचालकों ने निर्धारित स्थान से बाहर तक सामान फैलाकर प्लेटफार्म पर यात्रियों के बैठने की जगह तक घेर रखी थी।
यात्री प्रतीक्षालयों में कोई अटेंडेंट नहीं मिला और शौचालयों की स्थिति भी गंदगी से भरी हुई पाई गई। वहीं, आरपीएफ और जीआरपी के जवान यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात मिले। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि आम यात्रियों के लिए ‘जनता खाना’ किसी भी स्टॉल पर उपलब्ध नहीं था।
निरीक्षण के बाद योगेन्द्र चतुर्वेदी ने स्टेशन डायरेक्टर और प्रबंधक से मिलने का प्रयास किया, लेकिन दोनों अधिकारियों के व्यस्त होने के कारण बातचीत नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि आगामी जोनल बैठक में इस मुद्दे को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। साथ ही स्थानीय अधिकारियों से जल्द मुलाकात कर सुधारात्मक कदम सुनिश्चित कराने और भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रखने की बात कही।