मथुरा। प्रदेश में राजस्व संकलन में अहम स्थान रखने वाली मथुरा की अनाज मंडी एक बार फिर जलभराव की समस्या से जूझती नजर आई। बीती रात हुई बारिश के बाद हाईवे के नाले का पानी मंडी परिसर में घुस गया, जिससे नीलामी स्थल सहित कई हिस्सों में गंदा पानी भर गया। किसान, व्यापारी और मजदूर दिनभर इसी पानी के बीच आवागमन करने को मजबूर रहे।
दरअसल, मंडी का स्तर हाईवे के नाले से नीचे होने के कारण हर बारिश में यह समस्या विकराल रूप ले लेती है। नाला ओवरफ्लो होते ही पानी सीधे मंडी में घुस जाता है और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। बीती रात भी यही हाल रहा, दुकानों के सामने जलभराव हो गया और पूरा परिसर कीचड़ व गंदे पानी से भर गया।
हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए 4 फरवरी 2026 को मंडी निदेशालय ने 4.62 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। योजना में निचले क्षेत्रों का उठान, वर्षा जल संग्रहण टैंक निर्माण और पंप सेट के जरिए जल निकासी की व्यवस्था शामिल है। लेकिन चार माह बीत जाने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका है।
प्री-मानसून की पहली बारिश में ही हालात बिगड़ने से व्यापारी वर्ग में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है। यदि समय रहते काम शुरू नहीं हुआ तो बारिश के मौसम में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्वीकृत योजना पर तुरंत कार्य शुरू कराया जाए, ताकि मंडी में व्यापार करने वाले हजारों लोगों को राहत मिल सके।