छप्पन भोग की शयन आरती में भक्तों के बही अश्रुधारा, चन्द्रयान में विराजे प्रभु दर्शन को उमड़ा भक्तों का रेला
दो लाख लोगों तक पहुँचेगा प्रसाद
इसरो के वैज्ञानिकों को भेजा छप्पन भोग
गोवर्धन (मथुरा)। गिरि तलहटी में गुरुवार को हुए अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव में हजारो लोगों ने शामिल होकर अपने को जहां धन्य माना वही
प्रभु की मनोहारी आभा से दूर होने का वक़्त जब देर रात्रि 1 बजे गिरिराज प्रभु को सुलाने के लिये शयन आरती “नैनन में नींद भर आयी मेरे प्रभु के” गायी गई तो आभास हुआ कि प्रभु ने द्वापर युग की छप्पन भोग लीला को आज फिर दोहरा कर इंद्र का मान मर्दन कर भक्तो की लाज रखी है। शयन के समय तो भक्तों के नयनों से जो अश्रुधारा बही तो वह दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे भक्त वात्स्ल्य ठाकुर जी मिलन हो गया हो। रजत रत्नों से जड़े चन्द्र स्वरूप में सभी ग्रहों अनगिनत सितारों के साथ विराज रहे प्रभु की शयन आरती में लोग उमड़ पड़े।
छप्पन भोग के दर्शनों के लिए देर रात तक उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़ के कारण शयन आरती के बाद दर्शन बंद करने को कड़ी मशक्कत आयोजक मंडल को करनी पड़ी।
गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल शयन आरती करते समय काफी भावुक हो उठे इस प्रकार गिरि तलहटी में हुए छप्पन भोग महोत्सव में शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियां और भक्तों के उमड़े सैलाब के बीच महोत्सव सम्पन्न हो गया। ये छप्पन भोग प्रसाद करीब दो लाख लोगों तक पहुँचाने के साथ साथ इसरो के वैज्ञानिकों को भी छप्पन भोग प्रसाद भेजा जायेगा। शयन आरती से पूर्व गिरिराज प्रभु को केसर के अधौटा दूध का प्रसाद लगाया गया।
समिति के अध्यक्ष दीनानाथ अग्रवाल महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती राजेन्द्र सर्राफ भगवान दास खंडेलवाल दिनेश सादाबाद संजय जिंदल मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग कपिल अग्रवाल राजीव अग्रवाल अमित मार्बिल संजय चौधरी राकेश गर्ग बाँके बिहारी सोनी अरविंद विसावर हरीश गिलट विनय अंगूठी किशोर सर्राफ महावीर निबाड़ दीपक बाटी अनमोल बंसल सुनील द्वारकेश तुषार हाथी वाले अंकित बंसल कन्नू सर्राफ़ आदि ने शयन आरती की।
अंत में गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने छप्पन भोग के विराट आयोजन की सफलता के लिए सभी सहयोगियों और ब्रजवासियों का आभार व्यक्त किया।