5 फरवरी सारस्वत उत्पत्ति दिवस बसंत पंचमी पर होगा फैसला किस पार्टी का किया जाए समर्थन
मथुरा। यूपी विधानसभा चुनाव में इस बार राष्ट्रवाद हिंदूवाद नैतिकता बाद विकास के मुद्दो के अलावा जातिवाद का भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। प्रदेश के सभी जिलों में जातिवाद का इस बार काफी जोर दिखाई दे रहा है। मथुरा भी इससे अछूता नहीं है।
जनपद की पांचों विधानसभाओं की बात की जाए तो 3 विधानसभाओं में सारस्वत ब्राह्मण समाज का बड़ा वर्चस्व एवं प्रभाव है। मथुरा वृंदावन विधानसभा में सारस्वत ब्राह्मण समाज के मतदाता करीब 20,000 है वहीं दूसरी सुरक्षित बलदेव विधानसभा में करीब 25000 से 30000 के बीच सारस्वत मतदाता है वही मांट विधानसभा में भी करीब 10 हजार के लगभग सारस्वत ब्राह्मण मतदाता है। छाता और गोवर्धन विधानसभा में संख्या कम है। सारस्वत समाज के युवा नेता अनूप सारस्वत का कहना है कि बीते 5 साल में भारतीय जनता पार्टी में सारस्वत ब्राह्मण समाज का कोई महत्व एवं स्थान नहीं दिया जहां जिला संगठन के पदाधिकारियों की बात की जाए तो महानगर एवं जिला दोनों को मिलाकर भारतीय जनता पार्टी सारस्वत ब्राह्मणों को कहीं भी कोई संगठन में प्रभावशाली पद नहीं मिला। मथुरा के अलावा सारस्वत ब्राह्मण पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 20 सीटों पर अच्छा प्रभाव रखते हैं। आरोप है कि राजनैतिक पार्टियों द्वारा सारस्वत ब्राह्मण समाज को ब्राह्मण समाज के नाम पर छला गया। 5 फरवरी को सारस्वत उत्पत्ति दिवस बसंत पंचमी पर सारस्वत ब्राह्मण समाज के केंद्रीय नेता एकजुट होकर मंथन करेंगे कि किस पार्टी को सपोर्ट किया जाए।
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