घर-घर जाकर मीटर रीडर अब बिजली बिल बनाने के साथ साथ कर सकेंगे जमा धनराशि

आगरा/मथुरा। बिजली का बिल जमा करने के लिए अब उपभोक्ताओं को विद्युत केंद्र नहीं जाना पड़ेगा। मीटर रीडर घर आकर रीडिंग के साथ बिल बनाएगा। मीटर रीडर पर ही उपभोक्ता बिल जमा कर सकेंगे। बिलिंग की यह नई व्यवस्था दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) के मथुरा सहित 21 जिलों में एक नवंबर से शुरू होगी। विद्युत नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने, जर्जर तार व ट्रांसफार्मर बदलने और बिजली चोरी रोकने के लिए देश में तीन लाख करोड़ रुपये की रिवेम स्कीम बन रही है। इस स्कीम में 15 हजार करोड़ रुपये डीवीवीएनएल में खर्च होगा।

सोमवार को प्रबंध निदेशक अमित किशोर ने बताया कि नई बिलिंग व्यवस्था 1 नवंबर से आगरा, अलीगढ़, कानपुर, झांसी और चित्रकूट मंडल के 21 जिलों में लागू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि डीवीवीएनएल के 56.46 लाख उपभोक्ता हैं। 44.23 लाख ग्रामीण व 12.23 लाख शहरी उपभोक्ता हैं। 2.78 लाख निजी नलकूप कनेक्शन हैं।

किसानों के नलकूपों पर लगे ऑडिट मीटर को लेकर एमडी अमित किशोर ने बताया कि किसानों में भ्रम फैलाया जा रहा है। ऑडिट मीटर से बिलिंग नहीं होगी। बिलिंग हॉर्स पावर के आधार पर होगी। ऑडिट मीटर लगने से किसानों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पढ़ेगा। डीवीवीएनएल बिजली की खरीद पर हर माह 925 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। जबकि औसत राजस्व वसूली का निर्धारण 890 करोड़ रुपये है। निर्धारण के सापेक्ष 686 करोड़ रुपये की मासिक वसूली हो रही है। एमडी ने बताया कि हर माह खरीद और वसूली में 239 करोड़ रुपये का अंतर है।