गोविंदाचार्य ने मोदी-योगी के गाये गुड़गान, फिर से बनेगी सरकार

मथुरा। अपनी बेबाक कार्यशैली के चलते लम्बे समय तक भाजपा से अलग-अलग पड़े पूर्व राष्ट्रीय संगठन महामंत्री गोविंदाचार्य के सुर बदल गए हैं उनका कहना है कि आगामी चुनावों में एक बार फिर योगी और मोदी की सरकार की वापसी होगी। 7 साल से भाजपा की केंद्र में सरकार बनने के बाद अलग-थलग पड़े पूर्व पार्टी नेता गोविंदाचार्य 18 दिन के लिए निकाली जा रही अपनी यमुना दर्शन यात्रा कार्यक्रम में मथुरा वृंदावन आए हैं।

इस दौरान उन्होंने एक विशेष भेंट में कहा कि मैं मानता हूं सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों के बारे में दोनों सरकारें केंद्र और राज्य की सफल रही हैं । अच्छी मेहनत भी हो रही है परिश्रम और पहल ये मोदी और योगी दोनों के स्वभाव में है। सामाजिक और आर्थिक विषयों के बारे में अभी बहुत कुछ अपेक्षा है हम तो अभी भी अपेक्षा करते हैं कि अगर अभिनव और निर्मल देश कि नदियां हो सकती है तो नरेंद्र मोदी उसके लिए सक्षम हैं और जनता को भरोसा भी है इसलिए हम चाहेंगे मोदी जी इस दिशा में सक्रिय पहल और हस्तक्षेप करें इसमें सभी नदियां उनका प्राकृतिक प्रवाह उनकी निर्मलता वापस आ सके जैसा कई वर्ष पहले हुआ करता था।

यूपी में होने वाले चुनाव में योगी सरकार की वापसी पर उन्होंने कहा कि इसका मुझे आकलन नहीं है फिर भी मैं अंदाज से कह सकता हूं की वापसी हो जाएगी। महंगाई के सवाल पर उनका मानना है कि अब ऐसी टेक्नोलॉजी होनी चाहिए जिसमें मैनपॉवर रिप्लेसमेंट हो और दूसरा कुछ और नए प्रयोग करने की जरूरत है जैसे पेट्रोलियम और बाकी पर लाखों करोड़ खर्च हो रहे हैं तो उस पर थोड़ा सुधार किया जाये इलेक्ट्रिक कार ऑटो दुपहिया वाहन चलें जिससे काफी बचत होगी क्योंकि पेट्रोलियम पदार्थो की 80 फ़ीसदी खपत दो पहिया और तीन पहिया में होती है। इलेक्ट्रिक के साथ सोलर एनर्जी वाहनों को प्रयोग में लाया जाए तो 2 लाख करोड़ रूपया प्रति वर्ष मुनाफा है इसमें और बढ़ोतरी होगी।

अपनी यमुना दर्शन यात्रा के बारे चिंतक गोविंदाचार्य ने बताया की 28 अगस्त से यमुनोत्री से शुरुआत होनी थी लेकिन वहां पर भूस्खलन और सड़क बह जाने के परिणाम स्वरूप यात्रा की शुरुआत विकास नगर में यमुना मंदिर पूजन से शुरू हुई और 18 दिन की यात्रा का 15 तारीख को प्रयागराज में समापन होगा।

ज्ञात रहे कि गोविंदाचार्य ने ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु एड से सिटी हॉस्पिटल में जाकर मिले और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ महामंडलेश्वर डॉ अवशेषानंद महाराज एवं डॉ. प्रहलाद सिंह भी थे।