सफाई कर्मियों की 6 सूत्रीय मांगों को लेकर लखनऊ में सौंपा ज्ञापन: ठेकेदारी प्रथा खत्म करने व 1.5 लाख रिक्त पद भरने की उठाई मांग
संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर 'शहीद' के दर्जे की प्रदेश भर के वाल्मीकि समाज ने की वकालत
लखनऊ (राजपथ ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के समस्त नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में कार्यरत सफाईकर्मियों तथा वाल्मीकि समाज के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी 6 सूत्रीय लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण हेतु एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में प्रमुखता से मांग की गई कि प्रदेश भर के स्थानीय निकायों में सेवानिवृत्ति के कारण खाली पड़े करीब 1,50,000 सफाईकर्मियों के पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके साथ ही वर्ष 2005 से संविदा पर कार्यरत समस्त सफाईकर्मियों को नियमानुसार अविलंब नियमित किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने मानव जीवन से जुड़ी सफाई व्यवस्था में ठेकेदारी प्रथा को तत्काल अवैध घोषित कर एक माह के भीतर समाप्त करने तथा अस्थायी कर्मियों को नियमित करने की मांग रखी। साथ ही, आउटसोर्सिंग पर कार्यरत ड्राइवरों का मासिक मानदेय ₹25,000 करने एवं उनका सामूहिक दुर्घटना बीमा कराने की बात भी कही।
मांग पत्र में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सफाईकर्मियों को सेना व पुलिस की तर्ज पर ‘शहीद सफाईकर्मी’ का दर्जा, आर्थिक सहायता और सम्मान देने की अपील की गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा के अनुरूप आउटसोर्सिंग निगम के तहत कार्यरत सभी सफाई कर्मचारियों के वेतन में पारदर्शी वृद्धि करने का आग्रह किया गया।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रान्तीय अध्यक्ष महेश काजू, कार्यवाहक प्रान्तीय अध्यक्ष मंजीत करौसिया, गणेश प्रसाद, अश्विनी कुमार, सुभाष गोस्वामी, आर.सी. वाल्मीकि, झांसी जिलाध्यक्ष अशोक प्याल, डॉ. एस.पी. सिंह, वरुण वाल्मीकि एवं राम सिंह वाल्मीकि सहित अनेक प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। मथुरा से इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए खेमचंद खेलो मौसा सेठ शरण आनंद विशाल चंदेल राम सिंह बाल्मीकि ललित चौहान राकेश खरे बंटी वृंदावन धर्मेंद्र सरस गब्बर नितिन चौधरी कुलदीप चौहान रविकांत आनंद राजवीर नेमी सेठ राम सिंह बाल्मिक नरेश चंदेल आदि लखनऊ पहुंचे।