मथुरा। जिला कारागार में बंदियों के बौद्धिक विकास और सकारात्मक विचार परिवर्तन की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के सहयोग से बंदियों के बीच चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि कोई विषय पूर्व से निर्धारित नहीं किया गया। बंदियों ने अपनी सोच और भावनाओं को चित्रों के माध्यम से स्वतंत्र रूप से उकेरा। किसी ने तिरंगे झंडे के जरिए देशभक्ति दिखाई तो किसी ने मेहंदी की कलात्मक ड्राइंग बनाकर अपनी सृजनात्मकता का परिचय दिया।
प्रतियोगिता में 75 पुरुष बंदी 14 महिला बंदी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चित्रकला प्रतियोगिता के लिए अधिकतम 100 अंक निर्धारित किए गए।
प्रतियोगिता कारपाल सुरेंद्र मोहन सिंह, उपकारापाल दुर्गेश प्रताप सिंह, हेमराज तथा शिक्षा अध्यापक सुलेंद्र चौधरी की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग के अनुसार प्रतियोगिता में पुरुष एवं महिला वर्ग से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बंदियों को 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि जेल अब सिर्फ सजा की जगह नहीं, बल्कि सुधार, संस्कार और नई सोच की प्रयोगशाला बन रही है।
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