मथुरा । कान्हा की नगरी में चुनावी बिसात बिछने से पहले ही बड़ा प्रशासनिक धमाका हुआ है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाए गए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (SIR)-2026 के बाद जिले की मतदाता सूची का हुलिया पूरी तरह बदल गया है। प्रशासन की ‘सफाई’ मुहिम में जनपद के 3,72,090 मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। इस भारी कटौती के बाद जिले में कुल वोटरों की संख्या 19.45 लाख से घटकर अब महज 15,73,121 रह गई है।

सर्वे में खुले चौंकाने वाले राज: मुर्दे भी थे वोटर
प्रशासनिक जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सूची में पौने चार लाख नामों की कमी का मुख्य कारण यह रहा:
55,893 मतदाता मृत पाए गए: ये वो नाम थे जो दुनिया छोड़ चुके थे, लेकिन कागजों में अब भी ‘वोटर’ बने हुए थे।
1,13,674 मतदाता मिले नदारद: सत्यापन के दौरान ये लोग अपने दर्ज पतों पर मौजूद नहीं मिले।
1,77,763 मतदाता हुए शिफ्ट: ये लोग स्थायी रूप से मथुरा छोड़कर दूसरे शहरों या राज्यों में बस चुके हैं।
राजनैतिक दलों को सौंपी गई ‘कांट-छांट’ वाली सूची
मंगलवार को बीएसए कॉलेज के सभागार में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने नई मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन किया। इस दौरान बीजेपी, सपा, बसपा और कांग्रेस समेत सभी प्रमुख दलों के प्रतिनिधियों को सूची की कॉपी सौंपी गई। इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने से राजनीतिक समीकरण पूरी तरह गड़बड़ा गए हैं, जिससे नेताओं में बेचैनी साफ देखी जा सकती है।
6 फरवरी तक है ‘संशोधन’ का आखिरी मौका
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अंतिम सूची नहीं है। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम गलती से कट गया है, तो उनके पास सुधार का मौका है:
दावे और आपत्तियां: 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक।
निस्तारण की अवधि: 27 फरवरी 2026 तक सभी दावों पर फैसला होगा।
फाइनल लिस्ट: 6 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
डीएम की अपील: “सभी नागरिक वोटर हेल्पलाइन ऐप या आधिकारिक वेबसाइट पर अपना नाम चेक कर लें। अगर नाम कट गया है या कोई सुधार करना है, तो फॉर्म-6, 7 या 8 के जरिए तुरंत आवेदन करें।”
⚠️ सावधान: कहीं आप ‘वोट’ देने के अधिकार से वंचित तो नहीं?
मतदाता सूची में हुई इस ‘महा-सफाई’ के बाद अब आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको मतदान से रोक सकती है। प्रशासन की ओर से यह सख्त चेतावनी और सलाह जारी की गई है:
नाम चेक करना अनिवार्य: यह न सोचें कि आपके पास पुराना वोटर आईडी कार्ड है तो नाम होगा ही। 3.72 लाख नामों की कटौती में आपका नाम भी हो सकता है।
6 फरवरी की डेडलाइन: यदि आपका नाम सूची से गायब है या उसमें कोई गलती है, तो आपके पास केवल 6 फरवरी 2026 तक का समय है। इसके बाद किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।
फर्जी जानकारी पर एक्शन: फॉर्म भरते समय कोई भी गलत जानकारी देना या पहचान छुपाना कानूनी अपराध है, इसके लिए निर्वाचन आयोग सख्त कार्रवाई कर सकता है।
बीएलओ से संपर्क: यदि आप ऑनलाइन चेक नहीं कर पा रहे हैं, तो तुरंत अपने क्षेत्र के बीएलओ (Booth Level Officer) से मिलें और सूची में अपना नाम सुनिश्चित करें।
याद रखें: लोकतंत्र में आपकी सबसे बड़ी शक्ति आपका ‘वोट’ है। सुनिश्चित करें कि 6 मार्च को आने वाली फाइनल लिस्ट में आपका नाम शामिल हो!