मथुरा। महानगर में बंदरों के बढ़ते आतंक से सभी परेशान है। घनी आबादी हो या कॉलोनी हर जगह बंदरों के झुंड दिखाई दे जाएंगे। मथुरा में लंबे समय से बंदरों को पकड़ने की मांग आए दिन उठती रहती है। अधिक दबाब पढ़ने पर नगर निगम कुछ दिनों के लिए बंदर पकड़ने का ठेका उठा देता है। ठेकेदार पेमेंट ना मिलने के अभाव में बीच में ही अभियान को बंद कर देता है। एक बार फिर नगर निगम ने बंदर पकड़ने का टेंडर जारी कर दिया है।
बंदरों के आतंक से परेशान डैंपियर नगर निवासी राहुल सिंह एडवोकेट ने सांसद हेमा मालिनी को पत्र लिखकर अपने क्षेत्र से बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। इस संदर्भ में उनका कहना है कि डैंपियर नगर में बंदर आए दिन घरों व दुकानों में घुसकर खाद्य पदार्थ कपड़े आदि फाड़ कर बहुत नुक्सान कर रहे हैं। क्षेत्र में कई लोगों को काट कर घायल कर चुके हैं। रोजाना की इन घटनाओं से क्षेत्रीय लोगों में भय व्याप्त है। इससे भयभीत होकर स्थानीय लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है। श्री सिंह का कहना है कि गत महिनों में इनकी संख्या में अत्यधिक बढ़ोतरी हुई है। सड़कों घरों पर जमे बंदरों के कारण क्षेत्रीय दुकानदार छात्र छात्राएं छोटे बच्चे बुजुर्ग महिला पुरुषों को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। इनके काटने बाद लोग वैक्सीन लगाने के लिए जिला अस्पताल में आते जाते देखे जा सकते हैं। बताते चलें कि गत कई दशक से महानगर वासी बंदरों के हमलों को झेल रहे हैं। प्रति वर्ष नगर निगम बंदरों को पकडवाती है। इसके बावजूद बंदरों की संख्या रक्तबीज दैत्य की निरंतर बढ़ रही है। आज तक इस पर संतोषजनक कार्यवाही नहीं हुई है। कई बार निगम ठेकेदार की कार्य प्रणाली पर उंगली उठ चुकी है। हालांकि निगम ने इस वर्ष भी बंदर पकड़ने के लिए कार्यवाही अमल में लाना प्रारंभ कर दी है। ऐसे में इस वर्ष होने वाली बंदर पकड़ने की प्रक्रिया अपना असर दिखाएगी या पूर्व की भांति ही हालात बने रहेंगे। आने वाला समय ही बताएगा।
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