मथुरा की अनाज मंडी परिसर में घुसा हाईवे नाले का गंदा पानी

मथुरा। राजस्व संकलन में प्रदेश की प्रमुख मंडियों में शुमार मथुरा अनाज मंडी में मूलभूत सुविधाएं तो दूर नाले के गंदे पानी की निकासी का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है। अपनी फसल बेचने आ रहे किसान इस गंदे पानी के बीच से गुजर रहे है और अधिकारियों को कोस रहे हैं।
तीन दिन पूर्व हुई तेज बरसात से हाइवे का नाला ओवर फ्लो हो गया। मंडी परिसर हाइवे के लेवल से नीचा है ऐसे में गंदा पानी मंडी परिसर में घुस गया। नाले का गंदा पानी व्यापारियों की दुकानों, सड़क, किसानों की फसल नीलामी के लिए बने फड़ों पर एक-एक फुट तक भर गया है। बरसात बंद होने बाद भी पानी निकासी न होने से नाराज व्यापारी मंडी सचिव कार्यालय पहुंचे।
यहां व्यापारियों ने बताया कि मडी में जलभराव एक स्थायी समस्या बनती जा रही है ऐसे में यहां आने वाले किसान अब दूसरी मंडियों की ओर रूख करने लगे है। इसका सीधा असर राजस्व संकलन पर पड़ेगा। बरसात में किसानों की फसल, व्यापारियों के खरीदे माल के भीगने का भय लगा रहता है। पूर्व में जलभराव के बाद तत्काल निकासी हो जाती थी लेकिन अब एक-एक सप्ताह तक गंदा पानी भरा रहता है। इस जलभराव से अनाज और सब्जी मंडी के हजारों व्यापारी, किसान प्रभावित हो रहे है। मंडी सचिव ने अतिशीघ्र जलनिकासी के प्रबंध करने की बात कही है। व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल में मोहन पांडेय, उमेश शर्मा, आशीष गर्ग, आलोक शर्मा, झम्मन वार्ष्णेय, विजय अग्रवाल मौजूद रहे।

समस्या विकराल, प्रयास नाकाफी

मंडी में जलभराव की समस्या विकराल है। इस तकनीकि खामी का जिम्मेदार है मंडी निर्माण विभाग। सड़क और नाला निर्माण के दौरान अधिकारियों ने हाइवे नाले के ऊंचे लेवल की ओर से आंखे मूंद ली। उस पर को़ढ़ में खाज नाले की तलीझाड़ सफाइ न होना। मंडी व्यापारी की निदेशक कार्यालय को भेजी शिकायत के बाद मंडी परिसर के अंदर हाइवे नाले के समानांतर नाला निर्माण कराए जाने का आश्वासन दिया। कहा गया कि मंडी परिसर के गंदे पानी को इस समानांतर नाले के माध्यम से मंडी चौराहे के बडे नाले में मिला दिया जाएगा। नाला निर्माण के एस्टीमेट के लिए भी डीडीए निर्माण को पत्र जारी हुआ लेकिन एक साल बाद भी अधिकारियों ने इस समस्या का स्थायी समाधान करने की जरूरत नहीं समझीं। इसका खामियाजा व्यापारी, किसान आज तक भुगत रहे है।