वृन्दावन। धार्मिक नगरी वृन्दावन में अब केवल भक्ति और श्रद्धा ही नहीं बल्कि धोखाधड़ी के मामलों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है । बीते कुछ महीनों में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। हैरानी की बात यह है कि अब इन मामलों में महिलाओं की संलिप्तता भी सामने आ रही है जो स्वयं को भूमि स्वामी या बिचौलिया बताकर भोले-भाले खरीदारों को लाखों-करोड़ों रुपये का चूना लगाने से बाज नहीं आ रही हैं।
हाल ही का एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें जयपुर निवासी हाल निवासी ओमेक्स वृन्दावन सत्यप्रकाश सोनी के अनुसार वृन्दावन के छटीकरा क्षेत्र की एक बेशकीमती भूमि की रजिस्ट्री के नाम पर ₹35 लाख बैंक ₹15 लाख नकद कुल धनराशि 50 लाख की धोखाधड़ी की गई। राजकिशोर भारती फूड की मां बेटी और उनका सहयोगी मुनीम स्वयं को जमीन का मालिक बताते रहे अनेक दस्तावेज़ दिखाए, बातचीत, व्हाट्सएप चैट्स और हस्ताक्षरित समझौते तक किए गए परंतु जब रजिस्ट्री की बारी आई तो न तो विक्रेता मिले न ही ज़मीन संबंधी असली कागजात ।
पीड़ित युवक द्वारा आशा भारती और ज्योति भारती से कई बार संपर्क करने के बाद भी न तो पैसा वापस मिला न रजिस्ट्री हुई । उल्टा उसे जान से मारने की धमकी और फर्जी केस में फंसा देने की धमकी दी गई। मामला जब बढ़ा तो पीड़ित परिवार ने एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी और कानून का दरवाज़ा खटखटाया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो वृन्दावन, गोवर्धन, और छटीकरा क्षेत्र में इस प्रकार के लैंड फ्रॉड के दर्जनों मामले बीते 1 साल में दर्ज हो चुके हैं। इनमें कई मामलों में आरोपी अच्छे खासे परिवार की महिलाएं भी हैं जो बड़े-बड़े वादे और बनावटी दस्तावेजों के सहारे भोले व्यापारियों या बाहर से आए खरीदारों को जाल में फंसा लेती हैं।
तहसील प्रशासन ने चेतावनी दी है कि रजिस्ट्री से पहले कोई भी धनराशि न दें, न ही मात्र विश्वास पर कोई सौदा करें। भूमाफियाओं का गिरोह सक्रिय है जो वृन्दावन की आध्यात्मिक छवि को धूमिल कर रहा है।
जैत थाना के जांच अधिकारी रामदेव शर्मा अनुसार दोनों पक्षों से साक्ष्य मिल गए है शीघ्र ही कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से कार्रवाई की बातें की जा रही हैं, परंतु पीड़ितों का कहना है कि कार्रवाई धीमी और प्रभाव शून्य है। यदि समय रहते ऐसे मामलों को रोका न गया तो वृन्दावन की पहचान एक नई ‘जमीन घोटाला नगरी’ के रूप में होने लगेगी।
यदि आप वृन्दावन में ज़मीन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो पहले भूमि के राजस्व अभिलेख, खतौनी, नक्शा, मालिकाना हक की पूरी जांच करें और रजिस्ट्री के दिन ही भुगतान करें।