यमुना एक्सप्रेस-वे पर काल बनी ‘गोला बस’: ट्रेलर से भीषण भिड़ंत, चार की मौत, 25 घायल
चीख-पुकार से कांपा एक्सप्रेसवे, बस में सवार थे 65 यात्री, डीएम और एसएसपी पहुंचे अस्पताल, दिए बेहतर इलाज के निर्देश
मथुरा । यमुना एक्सप्रेस वे पर मंगलवार तड़के रफ्तार का हैरतअंगेज और दर्दनाक खेल देखने को मिला। थाना राया क्षेत्र के अंतर्गत माइलस्टोन 112-113 के बीच सुबह करीब 3:35 बजे एक वोल्वो बस और ट्रेलर में हुई भीषण टक्कर में चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयानक था कि टक्कर की आवाज सुनकर आसपास का इलाका दहल उठा। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
जानकारी के अनुसार, ‘गोला बस सर्विस’ की वोल्वो बस करीब 65 यात्रियों को लेकर जा रही थी। तड़के जब अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, तभी बस आगे चल रहे एक ट्रेलर से बेहद जोरदार तरीके से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। चीख-पुकार मचने पर एक्सप्रेसवे से गुजर रहे अन्य राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण)सुरेश चंद रावत , सीओ महावन और थाना प्रभारी राया भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। फंसे हुए यात्रियों को निकालने के लिए एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, करीब 20 से 25 घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए मथुरा जिला अस्पताल और अनंत कीर्ति अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त (पहचान) करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उनके परिजनों को सूचित किया जा सके। घटनास्थल पर यातायात सुचारू करने के लिए पुलिस बल तैनात है।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला भी अलर्ट मोड पर आ गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने तुरंत जिला अस्पताल और अनंत कीर्ति अस्पताल का दौरा किया। दोनों अधिकारियों ने भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत कर ढांढस बंधाया। डीएम ने जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और अनंत कीर्ति अस्पताल के डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और उन्हें उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मुफ्त मुहैया कराई जाएं।