सरकारी निर्माण कार्यो की शिलापट्टिका में जनप्रतिनिधियों के नाम जरुरी , पोस्ट मार्टम की सुविधा 24 घंटे होनी चाहिए : सुरेन्द्र चौधरी

मथुरा। उ.प्र. विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति की बैठक में सभापति सुरेन्द्र चौधरी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने अपने कार्यों की शिलापट्टिका में जनप्रतिनिधियों के नामों को अंकित करे। शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने परियोजना निदेशक अरुण कुमार को निर्देश दिए कि पात्रों को आवास अवश्य मिले। सर्वे के कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें, कोई भी पात्र छूटना नहीं चाहिए।
सभापति श्री चौधरी ने अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि जनपद में पानी की समस्या पर कार्य योजना बनाकर समस्या को दूर कराए। उन्होंने कूड़ा गाड़ियों की संख्या की जानकारी ली जिस पर अवगत कराया गया कि प्रत्येक वार्ड हेतु 2 गाड़ियां है। नगर निगम के पास लगभग 100 टैंकर है। उन्होंने अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि समस्त सफाई कर्मियों का वेतन समय से दिया जाए। नगर निगम क्षेत्र में लाइटिंग की व्यवस्था सुदृढ़ रहे।
सभापति ने सख्त निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई शिकायतों का प्राथमिकता से संज्ञान लेते हुई निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यवाही से उनको अवगत भी कराया जाए।
बैठक में सभापति ने पंचायत राज विभाग, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, नेडा आदि की समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता रखे। पानी की समस्या वाले स्थानों पर सीसी रोड बनाए। सभापति ने सिंचाई विभाग की समीक्षा में अधिशासी अभियंता शौर्य वर्धन के कार्यों में लापरवाही/ शिथिलता के दृष्टिगत अपर मुख्य सचिव सिंचाई विभाग से अधिशासी अभियंता शौर्य वर्धन का स्पष्टीकरण एक सप्ताह में लेते हुए समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अभियंता शौर्य वर्धन को अवमानना का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
समिति ने प्राविधिक शिक्षा के अधिकारी से कॉलेज की जानकारी ली जिसपर समिति को अवगत कराया गया कि जनपद में 1 गवर्नमेंट पॉलीटेक्निक तथा 2 अनुदानित पॉलीटेक्निक कॉलेज है। ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए कि विद्युत कार्यों के दौरान दुर्घटना में मृत कर्मियों को शीघ्र मदद प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत चोरी हेतु निरंतर छापेमारी की कार्यवाही करते रहे परन्तु इस कार्य में आम जनमानस को परेशानी/उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। एम.एल.सी. योगेश चौधरी ने कोसीकलां क्षेत्र में विद्युत से संबंधित शिकायत समिति के समक्ष रखी जिसपर सभापति ने निर्देश दिया कि 3 दिनों में उक्त शिकायत का निस्तारण सुनिश्चित करे ।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय कुमार वर्मा ने बताया कि जनपद में 12 सीएचसी व 27 पीएचसी है जिसपर सभापति ने कहा कि सभी केंद्रों पर दावा उपलब्ध होनी चाहिए। दावा का चार्ट चस्पा होना चाहिए। सिटी स्कैन की जानकारी में अवगत कराया गया कि उक्त जांच की सुविधा जिला अस्पताल में उपलब्ध है। लगभग 70 एम्बुलेंस विभिन्न प्रकार की है तथा जनपद की मोर्चरी में 3 डीप फ्रीजर है। सभापति ने कहा कि पोस्ट मार्टम की सुविधा 24 घंटे होनी चाहिए। सभापति ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि एस.सी./ एस.टी. एक्ट के अंतर्गत पीड़ित को ससमय मदद प्रदान की जाए ।
बैठक में समिति के किरण पाल कश्यप उमेश द्विवेदी तथा हंसराज विश्वकर्मा के अलावा जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, डीएफओ रजनीकांत मित्तल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, सचिव मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण अरविंद द्विवेदी, एस.पी. ट्रैफिक मनोज कुमार, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, परियोजना निदेशक अरुण कुमार, डीसी मनरेगा विजय कुमार पाण्डेय, बीएसए सुनील दत्त, डीआईओएस रविन्द्र सिंह, समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्र पाल सिंह, आबकारी अधिकारी उपेन्द्र सिंह, डीएसओ सतीश मिश्रा, जिला कमांडेंट होम गार्ड्स डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला उद्यान अधिकारी मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।