मथुरा में अवैध कॉलोनाइजरों पर गरजा ‘बुल्डोजर’, जमुना कोल्ड स्टोर के पास 8000 वर्ग मीटर में अवैध निर्माण ध्वस्त!
पिछले 15 दिनों में एक दर्जन अवैध कॉलोनियों पर चला हथौड़ा, हड़कंप
मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों और भूमाफियाओं के खिलाफ अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। इसी कड़ी में यमुनापार थाना क्षेत्र के अंतर्गत बल्देव रोड लक्ष्मीनगर स्थित श्रीमान पैलेस के सामने (जमुना कोल्ड स्टोर वाली भूमि) पर करीब 8,000 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में किए गए अवैध भू-विभाजन और निर्माण को प्राधिकरण की टीम ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध कॉलोनाइजरों और भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, मनोज उपाध्याय और योगेश चन्द्र शर्मा द्वारा बिना किसी स्वीकृत मानचित्र और ले-आउट के इस भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत वाद योजित किया गया था, जिसके बाद 15 अप्रैल 2025 को इसके ध्वस्तीकरण के आदेश पारित हुए थे। पूर्व में 22 दिसंबर 2025 को भी यहां नाली, सड़क और बाउंड्रीवाल को ढहाया गया था।
हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से प्राधिकरण को शिकायत मिली कि उक्त स्थल पर फिर से निर्माण कार्य किया जा रहा है। शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए आज, 12 जून 2026 को प्राधिकरण की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन. के कुशल निर्देशन और सचिव आशीष कुमार के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में अवैध रूप से बनाई जा रही सड़कों, नालियों और भूखंडों की पिलन्थ को जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर सहायक अभियंता सुमित कुमार प्रथम, अवर अभियंता अनिल सिंघल, प्राधिकरण का प्रवर्तन दल और थाना यमुनापार का भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे उपद्रवियों को सिर उठाने का मौका नहीं मिला।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक पखवाड़े के भीतर ही मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में करीब एक दर्जन अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन. ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि शहर के सुनियोजित विकास से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कॉलोनाइजर को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी अवैध कॉलोनियों और बिना नक्शा पास कराए किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ यह अभियान निरंतर और अधिक आक्रामकता के साथ जारी रहेगा। आम जनता से भी अपील है कि वे किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसके स्वीकृत मानचित्र की जांच अवश्य कर लें।