मथुरा को जाम मुक्त बनाने की बड़ी कवायद: नगर मजिस्ट्रेट ने सड़कों पर उतरकर किया औचक निरीक्षण

​प्रशासन का कड़ा रुख: बस अड्डे के पास यातायात बाधित कर रहा रेलवे का सीमेंटेड स्ट्रक्चर मौके पर ही ध्वस्त कराया ​अतिक्रमणकारियों पर गिरेगी गाज: बीएसए कॉलेज की खाली जमीन पर बनेगी अस्थाई पार्किंग, स्टेशन के द्वितीय द्वार से हटेंगे अवरोध

​मथुरा। महानगर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शहर को रोजाना लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मंगलवार को नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा खुद भारी पुलिस बल और संबंधित विभागों के आला अधिकारियों के साथ सड़कों पर उतरे। नगर मजिस्ट्रेट ने स्टेट बैंक चौराहे से लेकर भूतेश्वर चौराहे के पास स्थित रेलवे अंडरपास तक पैदल मार्च करते हुए स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यातायात को बाधित करने वाले मुख्य कारकों को मौके पर ही चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।

​निरीक्षण के दौरान बस अड्डे के पास एक बड़ी लापरवाही सामने आई। रेलवे विभाग द्वारा अंडरपास के किनारे तत्कालिक रूप से एक सीमेंट का भारी-भरकम फाउंडेशन (चबूतरा) बना दिया गया था। इस निर्माण के कारण मुख्य सड़क काफी संकरी हो गई थी, जिससे वहां से गुजरने वाले वाहनों को अत्यधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा था और हर समय जाम की स्थिति बनी रहती थी।
​मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट ने तत्काल रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर मौके पर तलब किया। प्रशासनिक टीम ने रेलवे अफसरों के साथ संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया और जनहित का हवाला देते हुए उक्त निर्माण को तत्काल हटाने के सख्त निर्देश दिए। मजिस्ट्रेट के कड़े रुख को देखते हुए मौके पर ही उस निर्माण को ढहाने और हटाने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई।
​”महानगर की जनता को जाम के झाम से निजात दिलाना हमारी पहली प्राथमिकता है। सरकारी जमीन या सड़कों पर किसी भी तरह का स्थाई या अस्थाई अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी बाधा बनेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।”
– अनुपम कुमार मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट, मथुरा

​रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार की तरफ जाने वाले मार्ग पर फैले अस्थाई अतिक्रमण और रेहड़ी-पटरी वालों के कारण लगने वाले जाम पर भी नगर मजिस्ट्रेट ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी और यातायात निरीक्षक को निर्देशित किया कि इस मार्ग के आस-पास जितने भी अस्थाई अवरोध हैं उन्हें तत्काल प्रभाव से हटवाया जाए।
​इसके साथ ही प्रशासन ने ​महोली रोड के सामने स्थित पुलिया (परिक्रमा मार्ग) ​भूतेश्वर अंडरपास (श्रीजी बाबा आश्रम के सामने) अमरनाथ विद्या आश्रम को जाने वाले मार्ग की तरफ जो भी अस्थाई अवरोधक हैं को यथाशीघ्र हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा तय कर दी गई है।

​शहर में बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों और पार्किंग स्पेस की कमी को दूर करने के लिए नगर मजिस्ट्रेट ने एक बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेला है। निरीक्षण के दौरान बाबू शिवनाथ अग्रवाल (बीएसए) कॉलेज की बाउंड्रीवॉल से सटे हुए एक बड़े रिक्त स्थान को चिन्हित किया गया जिसका वर्तमान में कोई उपयोग नहीं हो रहा है। ​इस खाली जमीन का उपयोग अस्थाई पार्किंग के रूप में करने के लिए नगर मजिस्ट्रेट ने तत्काल बीएसए कॉलेज प्रबंधन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ मौके पर ही सकारात्मक वार्ता की। इस जगह पर पार्किंग बनने से भूतेश्वर और स्टेट बैंक मार्ग पर अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों से मुक्ति मिलेगी और सड़क पूरी तरह साफ रहेगी।

​प्रशासन की इस औचक और ताबड़तोड़ कार्रवाई से सड़कों को घेरकर दुकान लगाने वाले दुकानदारों, अवैध रूप से वाहन खड़े करने वाले चालकों और डग्गामार वाहन ऑपरेटरों में हड़कंप मचा रहा। कई दुकानदार मजिस्ट्रेट की गाड़ी देखते ही खुद ही अपना सामान समेटते नजर आए। निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से यातायात निरीक्षक (टीआर), नगर निगम के अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।