मथुरा: बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत 200 महिलाओं को मिलेगा रोजगार

मथुरा । जनपद में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और अनुसूचित जाति की निर्बल वर्ग की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से ‘बैकयार्ड पोल्ट्री योजना’ की शुरुआत की गई है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने बताया कि शासन की ओर से मथुरा जनपद के लिए कुल 200 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित लाभार्थी को 3,000 रुपये का पैकेज प्रदान किया जाएगा।

​चयन प्रक्रिया और पात्रता:
CDO डॉ. पूजा गुप्ता के अनुसार, इस योजना का लाभ विशेष रूप से अनुसूचित जाति की उन महिलाओं को दिया जाएगा जो आर्थिक रूप से निर्वल वर्ग से संबंध रखती हैं। लाभार्थियों का चयन विकास खंड स्तर पर संबंधित पशु चिकित्साधिकारी और उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों द्वारा किया जाएगा, जिसे बाद में जनपद स्तरीय चयन समिति अंतिम रूप देगी।

योजना की मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:
​स्थानीय निवासी: महिला लाभार्थी उसी ग्राम की निवासी होनी चाहिए जहाँ के ग्राम प्रधान द्वारा उनका नाम प्रस्तावित किया गया है।
​अनिवार्य सुविधाएँ: लाभार्थी के पास रहने की समुचित व्यवस्था और स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है। साथ ही, कुक्कुट पालन (मुर्गी पालन) में उनकी रुचि होनी चाहिए।
​सत्यापन: ग्राम प्रधान द्वारा दी गई सूची का परीक्षण संबंधित पशु चिकित्साधिकारी और पोल्ट्री प्रोग्राम ऑफिसर द्वारा किया जाएगा।

​प्रत्येक ब्लॉक से चुनी जाएंगी 20 महिलाएं:
निर्धारित मानकों का पालन करते हुए जनपद के प्रत्येक विकास खंड से 20-20 निर्बल वर्ग की महिला लाभार्थियों का चयन किया जाना है।

​आवश्यक दस्तावेज:
योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र लाभार्थियों को अपने संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्सालय में महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा कराने होंगे। इसमें जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और आधार कार्ड की छायाप्रति जमा कराना अनिवार्य है। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।