वृंदावन का अक्रूर घाट बनेगा आस्था और पर्यटन का नया केंद्र , 6.35 करोड़ की परियोजना को मंजूरी
योगी सरकार ने जारी किए 3.17 करोड़ , श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
मथुरा । अक्रूर घाट अब धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इसके निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 6.35 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी देते हुए 3.17 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मथुरा-वृन्दावन आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन अनुभव उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अक्रूर घाट का विशेष पौराणिक महत्व है, जहां भगवान श्रीकृष्ण और बलराम से जुड़ी ऐतिहासिक कथाएं प्रचलित हैं। यहां हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर विशाल मेले का आयोजन होता है।
सरकार द्वारा स्वीकृत परियोजना के तहत घाट के विकास के लिए व्यापक निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसमें 30 मीटर लंबाई तक शीट पाइलिंग, मजबूत एंकर बार की स्थापना, 5 मीटर चौड़ा स्नान प्लेटफॉर्म, लाल पत्थरों से सजी सीढ़ियां और 220 मीटर लंबा जल चैनल शामिल है। इसके अलावा घाट की मजबूती के लिए अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में स्लोप पिचिंग का कार्य भी कराया जाएगा। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब अक्रूर जी श्रीकृष्ण और बलराम को मथुरा ले जा रहे थे, तब यमुना स्नान के दौरान उन्हें भगवान विष्णु के चतुर्भुज स्वरूप में दिव्य दर्शन हुए थे। इसी कारण यह स्थान आज भी गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है।
मथुरा आने वाले यात्रियों के लिए अक्रूर घाट तक पहुंचना भी आसान है। यह घाट मथुरा रेलवे स्टेशन से लगभग 16 किलोमीटर और नए बस स्टैंड से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण