मथुरा में “जाम ने ली जान! अवैध बारात घरों की लापरवाही से बुझा एक होनहार युवा
प्रशासन की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल”, शहर में आक्रोश, परिवार में मातम
मथुरा। महानगर में एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना ने पूरे शहर को सोचने पर मजबूर कर दिया है। कोतवाली क्षेत्र के महोली पोर निवासी चतुर्वेदी समाज के होनहार युवा विवेक चतुर्वेदी की करंट लगने से मौत हो गई, लेकिन इस हादसे को और भयावह बना दिया सड़क पर लगे भयानक जाम और अवैध पार्किंग ने।
बताया जा रहा है कि देर शाम विवेक को अचानक करंट लग गया। आसपास के लोगों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की लेकिन मसानी रोड पर शादी समारोहों के चलते हालात बेकाबू थे। अवैध रूप से संचालित बारात घरों के बाहर सैकड़ों वाहन सड़क पर ही खड़े थे जिससे एम्बुलेंस को रास्ता नहीं मिल सका।
एक तरफ एम्बुलेंस में जिंदगी और मौत से जूझ रहा युवा था, दूसरी तरफ सड़क पर जश्न मनाती भीड़ और बेतरतीब खड़ी गाड़ियां। कीमती समय जाम में ही निकल गया और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने विवेक को मृत घोषित कर दिया।
इस दर्दनाक घटना से चतुर्वेदी समाज में गहरा शोक व्याप्त है। एक होनहार युवक की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।
प्रशासन से सीधे सवाल
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है—
▪️ बिना अनुमति चल रहे अवैध बारात घरों पर कार्रवाई कब होगी?
▪️ सड़कों पर कब्जा कर खड़ी गाड़ियों पर लगाम क्यों नहीं?
▪️ इमरजेंसी सेवाओं के लिए रास्ता सुनिश्चित करना किसकी जिम्मेदारी है?
▪️ क्या जश्न और लापरवाही के आगे इंसानी जिंदगी की कोई कीमत नहीं?
जनता की चेतावनी
यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए चेतावनी है। आज विवेक, कल कोई और… अगर व्यवस्था नहीं सुधरी तो ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।
आखिरी संदेश
प्रशासन अब भी नहीं जागा तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
“सड़कें खाली कराओ, अवैध कब्जे हटाओ… वरना ये जाम यूं ही जिंदगियां निगलता रहेगा!”