नंगे पांव गिरिराज की शरण में राष्ट्रपति मुर्मू, 21 किमी परिक्रमा से भक्ति में डूबीं

दानघाटी में दूध चढ़ाकर की पूजा, रास्ते भर फूलों की वर्षा—बच्चों ने संस्कृत गीतों से किया भव्य स्वागत
गोवर्धन/मथुरा।
देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू शनिवार को ब्रजभूमि की आध्यात्मिक ऊर्जा में पूरी तरह सराबोर नजर आईं। गोवर्धन पहुंचकर उन्होंने गिरिराज महाराज की 21 किलोमीटर परिक्रमा का शुभारंभ नंगे पांव किया और श्रद्धा, आस्था व सादगी का अनूठा संदेश दिया। परिक्रमा के दौरान वह कुछ दूरी तक स्वयं नंगे पांव चलीं जिससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
परिक्रमा प्रारंभ करने से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने दानघाटी मंदिर पहुंचकर गिरिराज जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और दूध अर्पित किया। इस दौरान पूरा वातावरण “गिरिराज महाराज की जय” के जयघोष से गूंज उठा।
राष्ट्रपति के साथ उनके परिजन भी मौजूद रहे। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के बीच राष्ट्रपति एक गोल्फ कार्ट में परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ीं जिसमें उनके साथ आगरा मंडल के कमिश्नर नगेंद्र प्रताप भी बैठे थे। वहीं दूसरी गोल्फ कार्ट में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, जनपद के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह और गोवर्धन विधायक मेघश्याम सिंह सवार रहे।
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर गोवर्धन और राधाकुंड नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया था। जगह-जगह भव्य तोरण द्वार बनाए गए थे और स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। राष्ट्रपति ने भी दोनों हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया जिससे आमजन खासे भावुक और उत्साहित नजर आए।

इस दौरान राष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया। स्कूलों के बच्चों ने पारंपरिक परिधान में स्वागत किया वहीं संस्कृत विद्यालयों के छात्रों ने मंत्रोच्चार और स्वागत गीतों के साथ पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।
पूरे परिक्रमा मार्ग, गोवर्धन और राधाकुंड कस्बे में विशेष साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को देखकर श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक काफी प्रसन्न दिखाई दिए। जिलाधिकारी सीपी सिंह स्वयं व्यवस्थाओं की कमान संभालते नजर आए और हर व्यवस्था को बारीकी से मॉनिटर किया गया।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च की शाम को मथुरा पहुंची थीं। गोवर्धन में दर्शन, पूजा और परिक्रमा पूर्ण करने के बाद वह आज नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
ब्रजभूमि में राष्ट्रपति के इस आध्यात्मिक दौरे ने जहां प्रशासनिक तैयारियों की सराहना कराई, वहीं श्रद्धालुओं के बीच भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम भी देखने को मिला।