तमिलनाडु में टीवीके का न्योता, पर कांग्रेस के लिए आसान नहीं है फैसला

नई दिल्ली । तमिलनाडु में फिल्म अभिनेता थलापति विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पर, वह पूर्ण बहुमत से कुछ सीट दूर है। थलापति विजय के पिता एसए चंद्रशेखर ने कांग्रेस की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है, पर पार्टी के लिए यह निर्णय आसान नहीं है। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस का एक धड़ा इसकी वकालत कर रहा है। चुनाव में कांग्रेस को पांच सीट मिली है।

टीवीके के सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद एसए चंद्रशेखर ने कहा कि टीवीके कांग्रेस के साथ सत्ता बांटने के लिए तैयार है। टीवीके, कांग्रेस और दूसरी छोटी पार्टियां मिलकर बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकती है। उन्होंने यह बयान बहुत सोच समझकर दिया है, क्योंकि चुनाव से पहले कांग्रेस ने डीएमके से सत्ता में हिस्सेदारी की मांग की थी। डीएमके के इनकार के बाद चुनाव से पहले भी कई नेताओं ने टीवीके के साथ के गठबंधन की हिमायत की थी।

थलापति विजय के पिता की तरफ से आए इस बयान से तमिलनाडु कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता उत्साहित हैं पर, पार्टी के लिए यह फैसला करना आसान नहीं है। क्योंकि, कांग्रेस और डीएमके का गठबंधन बहुत पुराना है। ऐसे में पार्टी डीएमके से अलग होती है तो प्रदेश में इंडिया गठबंधन टूट सकता है। लोकसभा में डीएमके के 22 और राज्यसभा में आठ सांसद हैं। ऐसे में, डीएमके इंडिया गठबंधन से अलग होता है, तो संसद में विपक्ष कमजोर होगा। ऐसे में, पार्टी के लिए यह निर्णय आसान नहीं है।

कांग्रेस के रणनीतिकार मानते हैं कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन विधेयक भले ही एक बार संसद ने खारिज कर दिया हो, पर सरकार दोबारा कोशिश कर सकती है। इसके साथ लोकसभा चुनाव में अभी पूरे तीन वर्ष शेष हैं। दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस के कई नेता दशकों बाद सत्ता में मिली हिस्सेदारी को छोड़ना नहीं चाहते है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी को डीएमके को भरोसे में लेकर टीवीके के साथ सरकार बनाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। पार्टी ऐसा नहीं करती है तो विधायक टूट कर अलग हो सकते है। इसलिए कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व को बहुत सोच समझकर निर्णय करना होगा।