धनगर समाज के प्रमाण पत्र को लेकर गरजे बुद्धिजीवी

सम्मेलन में उठा आर-पार का मुद्दा, मुख्यमंत्री से मिलने का ऐलान

मथुरा। शनिवार को सौंख रोड स्थित एक स्थानीय रिसोर्ट में धनगर बुद्धिजीवी संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें धनगर समाज के सैकड़ों बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में धनगर जाति के प्रमाण पत्र को लेकर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन पर गहन चर्चा की गई और समाज की चिंता खुलकर सामने आई।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. यशपाल बघेल एवं मुजफ्फरनगर की विधायक श्रीमती मिथलेश पाल उपस्थित रहीं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए धनगर समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि सरकार के हालिया निर्णयों के चलते धनगर समाज प्रमाण पत्र को लेकर गंभीर रूप से परेशान है।

वक्ताओं ने बताया कि पूरे देश में 7 से 8 प्रतिशत आबादी धनगर समाज की है, जो राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में पूरी भागीदारी निभा रहा है, बावजूद इसके समाज को आज भी अपनी पहचान और प्रमाण पत्र के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के उद्देश्य से यह बुद्धिजीवी संवाद सम्मेलन आयोजित किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती मिथलेश पाल ने कहा कि धनगर समाज की इस गंभीर समस्या को लेकर वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी। उन्होंने कहा कि धनगर समाज के प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि समाज के लोगों को भटकना न पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि धनगर और गड़रिया समाज को लेकर लंबे समय से चले आ रहे मतभेद को समाप्त कराने के लिए भी वे मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगी और धनगर समाज की मुख्य मांगों को मजबूती से उठाएंगी।

सम्मेलन में मौजूद समाज के लोगों ने स्पष्ट किया कि जब तक धनगर समाज एकजुट होकर अपनी आवाज़ नहीं उठाएगा, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। वक्ताओं ने सरकार से शीघ्र समाधान निकालने की मांग की।