मथुरा में सम सेमेस्टर परीक्षा व्यवस्था सख्त: केवल परीक्षार्थियों , शिक्षकों एवं अधिकृत प्रतिनिधियों को ही नोडल केंद्र पर प्रवेश
मथुरा। डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा द्वारा सम सेमेस्टर 2026 एनईपी के अंतर्गत स्नातक द्वितीय चतुर्थ षष्ठम तथा परास्नातक द्वितीय चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं जनपद में सख्त व्यवस्था के बीच कराई जा रही हैं। करीब 150 महाविद्यालयों में संचालित इन परीक्षाओं में लगभग 60 हजार छात्र छात्राएं शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा संचालन के लिए बीएसए पीजी कॉलेज मथुरा को नोडल केंद्र बनाया गया है जहां से पूरी व्यवस्था नियंत्रित की जा रही है। परीक्षाएं प्रतिदिन तीन पालियों में आयोजित हो रही हैं पहली पाली सुबह 8 बजे से 10 बजे तक दूसरी पाली 11 बजे से 1 बजे तक तथा तीसरी पाली 2 बजे से 4 बजे तक संचालित की जा रही है।
नोडल केंद्र से प्रतिदिन सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर प्रश्नपत्र वितरण शुरू हो जाता है और देर शाम तक उत्तर पुस्तिकाएं जमा कराने की प्रक्रिया चलती रहती है। बीएसए कॉलेज में आयोजित परीक्षा में प्रथम पाली में करीब 1200 दूसरी पाली में 1500 और तीसरी पाली में लगभग 2000 परीक्षार्थियों ने भाग लिया।
नोडल केंद्र प्रभारी प्राचार्य डॉ ललित मोहन शर्मा ने बताया कि सभी महाविद्यालय अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से ही प्रश्नपत्र प्राप्त कर रहे हैं और निर्धारित समय में उत्तर पुस्तिकाएं जमा कराई जा रही हैं। समय सीमा का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुचिता पारदर्शिता और नकल विहीन संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों के उल्लंघन या विलंब की स्थिति में शासन के प्रावधानों के तहत संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी के लिए नोडल केंद्र पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि नोडल केंद्र पर केवल अधिकृत प्रतिनिधियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। किसी भी बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश प्रयास पर रोक लगाई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा का यह नोडल केंद्र इस बार अनुशासन समयबद्धता और पारदर्शिता के साथ परीक्षा संचालन का उदाहरण बनकर सामने आया है। व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता के लिए कोई स्थान नहीं रखा गया है। नोडल केंद्र पर निगरानी के लिए डॉ एक के राय डॉ रवीश शर्मा डॉ यू के त्रिपाठी और डॉ बी के गोस्वामी की प्रमुख भूमिका है जो प्रभारी के नेतृत्व में कार्य कर रहे हैं।