संक्रांति पर जैंत में तीन अवैध कॉलोनियों पर एमवीडीए का बुलडोजर गरजा, कार्रवाई की देरी और खर्च वसूली पर उठे सवाल
मथुरा । मथुरा–वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) का अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान एक बार फिर चर्चा में है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर, जब शहर में तिल-गुड़ की मिठास और उत्सव का माहौल था उसी दिन भक्ति वेदांता मंदिर क्षेत्र जैंत में एमवीडीए का बुलडोजर गरज उठा। प्राधिकरण ने यहां तीन अवैध कॉलोनियों को जमींदोज कर दिया जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
हालांकि कार्रवाई के साथ ही एमवीडीए की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर इस बात को लेकर कि जब जुलाई 2025 में ही ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी हो चुके थे तो फिर छह महीने बाद कार्रवाई क्यों की गई और इस दौरान अवैध निर्माण कैसे फलते-फूलते रहे।
मिली जानकारी के अनुसार पहले मामले में सुरेश चंद्र द्वारा भक्ति वेदांता मंदिर जैंत में करीब 6000 वर्ग मीटर क्षेत्र में आरसीसी सड़क बनाकर कॉलोनी विकसित की जा रही थी। प्राधिकरण ने समय रहते नोटिस जारी कर निर्माण रोकने और नक्शा विधिवत पास कराने के निर्देश दिए लेकिन आदेशों को नजरअंदाज कर दिया गया। दूसरे मामले में मेघा चौरसिया द्वारा मंदिर के समीप लगभग 9 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में गिट्टी डालकर सड़क निर्माण करते हुए अवैध कॉलोनी बसाई जा रही थी। वहीं तीसरे प्रकरण में सोहन शर्मा द्वारा हनुमंत विहार आवासीय योजना के दोनों गेटों के बीच लगभग 3500 वर्ग मीटर क्षेत्र में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। एमवीडीए की जांच में तीनों स्थानों पर कोई भी नक्शा पास नहीं पाया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीनों अवैध निर्माणों को लेकर जुलाई माह में ही ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी किए जा चुके थे इसके बावजूद करीब छह माह तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस देरी ने न केवल अवैध कॉलोनाइजर्स को समय दिया बल्कि प्रशासनिक सख्ती पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
ध्वस्तीकरण के बाद एक और अहम सवाल यह है कि कार्रवाई में खर्च हुई सरकारी धनराशि की वसूली अवैध कॉलोनाइजर्स से कब की जाएगी। पूर्व में भी ऐसे मामलों में वसूली को लेकर सुस्ती देखी गई है जिससे प्राधिकरण की सख्ती महज़ दिखावटी न बन जाए। यह चिंता स्थानीय लोगों के बीच खुलकर सामने आ रही है। यह पूरी कार्रवाई एमवीडीए उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी एन के निर्देश पर प्रवर्तन दल द्वारा की गई। मौके पर जैंत थाना पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो।
एमवीडीए सचिव आशीष कुमार सिंह का कहना है कि अवैध निर्माण और कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।