संस्कृति विवि के 29 विद्यार्थियों को साटा विकास समूह में मिला रोजगार

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा के 29 विद्यार्थियों को मशीनिंग उत्पाद डिजाइनिंग के क्षेत्र में विश्वविख्यात कंपनी साटा विकास समूह ने कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार का अवसर प्रदान किया है। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चयनित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

कैंपस प्लेसमेंट के दौरान कंपनी की ओर से उपस्थित एचआर विभाग के प्रमुख नरेश देशवाल ने बताया कि साटा विकास समूह की स्थापना वर्ष 2007 में उभरते भारतीय एवं एशियाई ऑटोमोटिव बाजारों को ध्यान में रखते हुए की गई थी। यह विकास समूह और इटली की साटा स्पा (पूर्व में मार्टिनेली) के बीच एक संयुक्त उद्यम है, जो सटीक मशीनिंग के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक कंपनी के रूप में स्थापित है।

उन्होंने बताया कि कंपनी मोटर वाहन फिक्स्चर, सटीक मशीनिंग तथा उच्च तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले कंपोनेंट्स के डिजाइन व निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। इसके उत्पाद मुख्य रूप से यात्री कारों, उपयोगिता वाहनों के ओईएम के लिए इंजन, ट्रांसमिशन और कंप्रेसर कंपोनेंट्स में उपयोग किए जाते हैं।

संस्कृति विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल अधिकारी आनंद कुमार तिवारी ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों में शाहिद, मोहन, योगेश, नरेंद्र, गुड्डू, हेमंत, शिवप्रकाश, भोला, आकाश कुमार, मोहित, प्रेमचंद्र, नरेश कुमार, गौरव सिंह, भूदेव सिंह, भरत, कृष्ण गोपाल, जयकेश, मोहित कुमार, विवेक, ओमप्रकाश, मनोज, सत्यम, आकाश, राहुल राजपूत, भविष्य, नवीन, हेमराज, प्रदीप और दीपक शामिल हैं। सभी चयनित विद्यार्थियों को कंपनी द्वारा ऑफर लेटर प्रदान किए गए हैं।

विद्यार्थियों की इस सफलता पर विश्वविद्यालय की सीईओ डी. मीनाक्षी शर्मा एवं कुलपति प्रो. एम.बी. चेट्टी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की गुणवत्ता आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से कंपनी में निष्ठा और परिश्रम के साथ कार्य कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने का आह्वान किया।