मथुरा-पलवल के बीच रेल यातायात 25 घंटे बाद सामान्यः वृन्दावन रोड पर मालगाड़ी के डिब्बे पलटने से हुआ था बाधित

प्रिंस कुलश्रेष्ठ
मथुरा। उत्तर मध्य रेलवे के मथुरा पलवल प्रखण्ड पर वृन्दावन रोड स्टेशन के निकट मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के 25 घंटे बाद शनिवार-रविवार देर रात रेल संचालन शुरू हो सका। रात करीब दो बजे अप लाइन से पहली ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस को निकाला गया। रविवार की दोहपर डाउन ट्रैक से पहली ट्रेन चलाई गई। अभी तक अप और डाउन ट्रैक के अलावा चौथी लाइन को सही किया जा सका है, जबकि रविवार देर शाम तक तीसरी लाइन का कार्य प्रगति पर है। उधर इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिये गए हैं। सीपीआरओ उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद के अनुसार इस घटना की जांच मुख्यालय स्तर पर होगी। सीनियर ऐडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड की यह जांच प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी आफिसर मनीष गुप्ता के नेतृत्व में होगी। जानकारी के अनुसार सीमेंट लेकर गाजियाबाद जा रही मालगाड़ी के वृंदावन रोड पर शुक्रवार रात करीब 11ः28 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद दिल्ली-मथुरा रेल ट्रैक पर रेल यातायात ठप् हो गया था। मंडल रेल प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि हादसे के करीब 25 घंटे बाद रात 12ः22 बजे चौथी लाइन को रेल संचालन के लिए तैयार कर लिया गया था। इसके बाद अप लाइन को रेल संचालन के लिए तैयार किया गया। अप ट्रैक से रात करीब 2 बजे नई दिल्ली बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस को निकाला गया। इसके बाद डाउन और चौथी लाइन से रेल यातायात शुरू करा दिया गया। उन्होंने बताया कि रविवार को डाउन ट्रैक को ठीक कर लिया गया। दोपहर 2ः35 बजे डाउन ट्रैक से पहली ट्रेन को निकाला गया। थर्ड लाइन पर अभी काम चल रहा है। सोमवार तक रेल यातायात पूरी तरह बहाल होने की संभावाना है। उन्होंने बताया कि हादसे का ज्वाइंट नोट तैयार कर लिया गया है। हादसे की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही हादसे के जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवम शर्मा ने बताया कि तीसरी लाइन पर हुए व्यवधान को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं। हादसा कितना बड़ा था इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 38 घंटे से इंजीनियरों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में 300 लोगों द्वारा अनवरत कार्य करने के बावजूद तीसरी लाइन अभी बाधित है। यातायात को सुचारू रूप से चालू करने के लिए डीआरएम आगरा मण्डल आनन्द स्वरूप, डीसीएम अमन वर्मा, सीनियर डीईएन सीताराम प्रजापति, सीनियर डीएससी कमान्डेन्ट प्रकाश कुमार पाण्डा, सीनियर डीएमई वी जे सिंह,एवं सीनियर डीएमई आर के वर्मा, डीसीएम एस के श्रीवास्तव समेत दो दर्जन से अधिक अधिकारियों की देखरेख में युद्धस्तर पर कार्य किया गया था।

दुर्घटना के बाद दिल्ली-मथुरा रेल ट्रैक पर यातायात पूरी तरह बहाल होने में अभी वक्त लग रहा है। सभंवत सोमवार सुबह से रेल यातायात अपने लाइन पर आ सकेगा। रविवार को भी अप और डाउन रूट की ट्रेनें एक से सात घंटे की देरी से चलीं। अप की नंदादेवी एक्सप्रेस 4 घंटे, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस 7 घंटे, पंजाब मेल, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस 3-3 घंटे, मंगला एक्सप्रेस 3ः30 घंटे, अमृतसर-इंदौर एक्सप्रेस 4 घंटे की देरी से चलीं। डाउन की कर्नाटका एक्सप्रेस 4ः30 घंटे, पश्चिम एक्सप्रेस 2ः30 घंटे, महाकौशल एक्सप्रेस 5ः30 घंटें और अगस्तक्रांति एक्सप्रेस 1 घंटे की देरी से चलीं।