मथुरा। बृज धरोहर संरक्षण समिति की प्रथम बैठक में बृज मण्डल की धरोहर पौराणिक देवस्थानों तीर्थस्थल यमुना के प्राचीन घाटो एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण हेतु सतत प्रयत्न व संघर्ष हेतु संकल्प लिया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने 1998 में ब्यवस्था कर आदेश पारित किया कि यमुना नदी में सीवरेज आदि गंदे जल न डाले जाये किंतु शासन की गलत नीतियों द्वारा सिस्टम में भृष्टता के चलते कुछ असामाजिक तत्व मथुरा के प्राचीन पौराणिक घाटो को ढक कर यमुना का प्रवाह बदलने का कार्य कर रहे है जैसे यमुना मिशन संस्था और कुछ धनाढ्य लोग नए घाटो का निर्माण कर रहे हैं और यमुना के गर्भ में खादर की जगहों पर अवैध कब्जा कर पुराने घाटो के पुरातत्व का बिनाश कर रहे हैं अब ये सब असहनीय हो गया हैं। वक्ताओं ने कहा कि जनता में आक्रोश हैं कि स्थानीय प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है और उनको सहमति भी प्रदान कर रहे हैं इसलिए दल के कार्यकर्ताओं ने निर्णय लिया कि ऐसे असामाजिक तत्वों के कुकृत्यों को उजागर कर यमुना के पुराने घाटो एवं देवस्थानों को बचाने के लिए हर सम्भव प्रयास करते रहेंगें।
उक्त बैठक में श्रीकृष्ण जन्म भूमि के सुरक्षा प्रभारी विजय बहादुर सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह कार्यवाह डॉ. संजय अग्रवाल महानगर के कार्यवाह विजय बंटाजी विद्यार्थी परिषद के बरिष्ट कार्य कर्ता राकेश चतुर्वेदी पूर्व सभासद योगेश उपाध्याय आवा विश्वधर्म रक्षक दल के विजय चतुर्वेदी नरेश शर्मा बब्बू राजू चतुर्वेदी धनेश चतुर्वेदी गोपाल चतुर्वेदी आदि ने भाग लिया।