राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन: समूह की महिलाओं को मिलेगा रोजगार, ग्रामीण इलाकों में भी खुलेंगी प्रेरणा कैंटीन : सलोनी गौतम

चौमुहां CHC में 'ब्रज उदय प्रेरणा कैंटीन' का भव्य शुभारंभ: महिलाओं को मिलेगी आजीविका, मरीजों को सस्ता व शुद्ध भोजन


​चौमुहां (मथुरा)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ‘ब्रज उदय प्रेरणा कैंटीन’ का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि प्रशिक्षु आईएएस एवं प्रभारी बीडीओ सलोनी गौतम ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।


उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नरदेव चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आज ग्रामीण महिलाएं संगठित होकर रोजगार से जुड़ रही हैं।


​विशिष्ट अतिथि प्रशिक्षु आईएएस प्रभारी बीडीओ सलोनी गौतम ने कहा कि अस्पताल परिसर में कैंटीन खुलने से दोहरा लाभ मिलेगा, फिलहाल प्रेरणा कैंटीन ब्लॉक स्तर के प्रमुख परिसरों में चलाई जा रही हैं। आने वाले समय में इनका विस्तार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और ग्राम पंचायत स्तर तक किया जाएगा, ताकि मिशन का लाभ अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुंचे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने और उनके आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के लिए विशेष पहल की जा रही है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना शासन की प्राथमिकता है।

​पत्रकारों से बातचीत करते हुए आईएएस सलोनी गौतम ने बताया कि ​”राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत हमारे समूह की महिलाओं को रोजगार देने और उनकी आजीविका में बढ़ोतरी करने के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में सीधी वृद्धि होगी। इसे केवल भोजन उपलब्ध कराने का माध्यम न देखा जाए, यह उससे बढ़कर महिला सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल साबित होगी। इससे गांव-देहात की अन्य महिलाएं भी प्रेरित होंगी कि वे किस तरह अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

​मीडिया द्वारा ब्लॉक स्तर पर खुली कैंटीनों के बाद ग्रामीण स्तर पर इनके विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर आईएएस सलोनी गौतम ने स्पष्ट किया कि ​”जब महिलाएं ब्लॉक स्तर पर कैंटीन चलाकर वित्तीय प्रबंधन ग्राहकों से संवाद और दुकान संचालन का आत्मविश्वास हासिल कर लेंगी, तब इस मॉडल को ग्रामीण स्तर पर भी ले जाया जाएगा। गांवों में निर्मित ‘अमृत सरोवर’ और ‘लाडली वन’ जैसे स्थान, जहां शाम के समय ग्रामीण इकट्ठा होते हैं और बातचीत करते हैं, वहां भी प्रेरणा कैंटीन मॉडल के तहत दुकानें व कैंटीन खोली जाएंगी।
​उन्होंने बताया कि ​इस पहल से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार ही नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें अपना व्यवसाय संचालित करने का सीधा अनुभव और आत्मविश्वास भी प्राप्त होगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले के हर ग्रामीण अंचल तक महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़कर समाज में मुख्यधारा में लाया जाए।
कार्यक्रम में चिकित्सा प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी, एडीओ आईएसबी राकेश कर्दम, एडीओ पंचायत नवेश कुमार सुमन, मंडल अध्यक्ष मुरारी लाल सिसौदिया, बिहारी लाल उर्फ पूरन सिंह, पंचायत सचिव योगेश शर्मा, रविंद्र वशिष्ठ, नेत्रपाल सिंह, राजेश कुमार, वीरेश शर्मा सहित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक मिशन मैनेजर और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।