वृंदावन में रिश्वतखोरी के आरोप पर दो हेड कांस्टेबल सस्पेंड, वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई

एक मामला निकला आपसी विवाद का निपटारा, दूसरे में संदिग्ध भूमिका पर गिरी गाज

मथुरा। सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों द्वारा वाहनों को प्रवेश दिलाने के नाम पर पैसे लेने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच कराई गई, जिसमें दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं।
जांच में सामने आया कि पहले वायरल वीडियो में जो पैसे का लेन-देन दिख रहा था, वह किसी अवैध वसूली का मामला नहीं था, बल्कि एक मजदूर और ठेकेदार के बीच चल रहे विवाद का निपटारा था। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराते हुए उसे लिखित रूप में सुलझाया था।
हालांकि, दूसरे वीडियो में थाना वृंदावन क्षेत्र के हेड कांस्टेबल राजकुमार और ट्रैफिक हेड कांस्टेबल नरसिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। वीडियो में कुछ व्यक्तियों द्वारा पर्स से पैसे निकालने के बाद एक बस को आगे जाने दिया गया, जिससे प्रथम दृष्टया अनियमितता की पुष्टि हुई।
इस गंभीर मामले को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से दोनों हेड कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
क्षेत्राधिकारी सदर प्रीतम पाल सिंह के अनुसार “वायरल वीडियो की जांच में दो अलग-अलग तथ्य सामने आए हैं। एक मामला आपसी विवाद से जुड़ा था जबकि दूसरे में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। दोनों संबंधित हेड कांस्टेबलों को सस्पेंड कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है।