7 सित. को मनाया जायेगा श्री कृष्ण जन्मभूमि पर कन्हैया का 5250 वां जन्मोत्सव
श्रद्धालुओ के लिए की श्री कृष्ण जन्मस्थान प्रबंधन ने विशेष व्यवस्थाएं
मथुरा। इस माह की 7 तारीख को मथुरा के लाला कन्हैया का 5250 वां जन्मोत्सव समूचे बृज में धूमधाम हर्षोल्लास से मानने की तैयारियां प्रारभ हो गई है। जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन श्रीकृष्ण जन्म स्थान पर होगा। इस बार रजत कमल पुष्प में श्री कृष्ण का प्राकट्योत्सव होगा। श्री ठाकुर जी का जन्म महाभिषेक रात्रि 12 . 20 बजे से 12.40 बजे तक जन्म स्थान के अध्यक्ष मंहत नृत्यगोपाल दास के दिव्य सान्निध्य में संपन्न होगा।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए श्रीकृष्ण जन्म स्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा एवं सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण के 5250 वें जन्मोत्सव के अवसर पर जन्मस्थान की साज-सज्जा, ठाकुरजी की पोशाक, श्रंगार नयनाभिराम होंगी। जन्म भूमि के अन्दर एवं परिसर के बाहर से श्रद्धालुगण जिस दिशा से भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के दर्शन करेंगे। वहीं से उनको जन्मभूमि की अदभुत छटा की अनुभूति हो ऐसा प्रयास चल रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की प्राकट्य भूमि एवं कारागार के रूप में प्रसिद्ध गर्भ ग्रह एवं सम्पूर्ण श्रीकृष्ण चबूतरा की साज-सज्जा अद्भुत होगी। इस वर्ष प्रयास रहेगा कि श्रीगर्भ गृह के भीतरी भाग को तो कारागार का स्वरूप प्रदान किया जायेगा साथ ही श्रीगर्भ गृह के बाहरी भाग ’श्रीकृष्ण चबूतरा को गर्भ गृह के प्राचीन वास्तु अथवा मूलरूप में बिना कोई परिवर्तन किये हुए कारागार का स्वरूप प्रदान किया जायेगा। देश विदेश से पधारने वाले लाखों श्रद्धालु जो कंस के कारागार में जन्मे ठाकुरजी के उसी रूप के दर्शन के भागव से आ रहे है, उनकी भावनाएं अवश्य ही ऐसी अद्भुत छटा से पुष्ट होेंगी, साथ ही पर्व के अनुकूल प्रकाश का संयोजन भी गर्भगृह की भव्यता एवं दिव्यता में वृद्वि करेगा। गर्भगृह के बाहरी हिस्से में उत्कीर्ण भगवान के जन्म से पूर्व की लीलाएं भक्तों के आकर्षण का केन्द्र रहती है। इन स्थानों पर प्रकाश की विशेष व्यवस्था रहेगी।
07 सितम्बर गुरूवार को प्रातः दिव्य शहनाई एवं नगाड़ों के सुमधुर वादन के साथ भगवान की मंगला आरती के दर्शन प्रातः 5.30 बजे से होंगे। प्रातः 8 बजे भगवान का दिव्य पंचामृत अभिषेक पुष्पार्चन होगा।
प्रातः 10 बजे भव्य पुष्पांजलि कार्यक्रम श्रीराधाकृष्ण युगल सरकार के श्रीचरणों में भागवत भवन के दिव्य प्रांगण में आयोजित किया जायेगा। बृज के उत्कृष्ट गायक इस अवसर पर ठाकुरजी के संमुख दिव्य भजन गायन की प्रस्तुति देंगे।
जन्म महाभिषेक का मुख्य कार्यक्रम रात्रि 11 बजे श्री गणेश नवग्रह आदि पूजन से आरंभ होगा। तदोपरांत 1008 कमल पुष्पों से ठाुकरजी का सहस्त्रार्चन करते हुए आव्हान किया जायेगा। रात्रि 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ संपूर्ण मंदिर परिसर में बज उठेंगे ढोल झांझ मंजीरे मृदंग साथ हरिबोल के साथ नाच उठेंगे असंख्य भक्तजन संत एवं भगवान के जन्म की महाआरती शुरू होगी जो रात्रि 12.05 बजे तक चलेगी। ढोल एवं मृदंग अभिषेक स्थल पर तो बजेंगे ही साथ ही सम्पूर्ण मंदिर परिसर में स्थान-स्थान पर भी इनका वादन होगा।
सदैव की भांति इस वर्ष भी श्रद्धालुओं को प्रातः 8 बजे श्री ठाकुरती के नृत्य महाभिषेक की दिव्य प्रसादी पंचामृत का वितरण प्रातः 8.30 से किया जायेगा। प्रातः से ही श्रद्धालुओं को मेवे नारियल के लड्डू मेवे पाग कतली का वितरण किया जायेगा। जन्ममहाभिषेक के पंचामृत प्रसाद एवं लड्डू प्रसाद का वितरण निकास द्वार के दोनों ओर रात्रि 12.40 से किया जायेगा। सचिव कपिल शर्मा के अनुसार इस आलौकिक आयोजन का समापन 8 सिंतम्बर को भव्य नंदोत्सव- बधाई गायन के साथ होगा। इस अवसर पर बृज की परंपराओं के अनुरूप उत्सव में सम्मलित होने वाले श्रद्धालुओं एवं भक्तों को वृहद मात्रा में प्रसाद, बधाई पोटली, खिलौने, मिष्ठान, फल, वस़्त्र आदि सामिग्री बढी मात्रा में वितरित की जायेगी। श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर सप्तदिवसीय प्रसादी -भंडारा सेवा श्री कृष्ण- संकीर्तन मंडल के विशेष सहयोग से की जा रही है। श्री कृष्ण जन्मभूमि के अन्न क्षेत्र में श्रद्धालु हजारों की संख्या में प्रसादी भंडारा में प्रसाद प्राप्त कर अभिभूत हो रहे है। नंदोत्सव के दिन कडी-चावल/ पूआ का विशेष प्रसाद सभी श्रद्धालुजन में वितरित किया जायेगा। देश विदेश से पधारने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जन्मभूमि के सभी संपर्क मार्गांेमार्गो पर जूता घर एवं सामान घर की व्यवस्था की गई है। सभी आवश्यक स्थानों पर पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है श्रद्धालुओं के सुगम प्रवेश को दृष्टिगत रखते हुए लाउडस्पीकर के माध्यम से निर्देश दिये जायेंगे, साथ ही बेरिकेटिंग इस प्रकार की जा रही है कि जिससे कि श्रद्धालू कम से कम समय में दर्शन प्राप्त कर सकें। जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालुओं को प्रवेश गोविंद नगर द्वार( गेट संख्या 3) से होगा एवं निकास मुख्य द्वार (गेट संख्या 1) से होगा।
चन्द्रयान 3 का चंद्रमा पर उतरने की खुशी का इजहार 7 सिंतबर को मनाये जाने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव दिवस में भी देखने को मिलेगा। जहां पुष्प बंग्ले में विराजमान होकर ठाकुरजी दर्शन देंगे। उसका नाम इसरो चीफ एस. सोमनाथ के नामानुरूप सोमनाथ पुष्प बंगला रखा गया है। वहीं चंद्रमा पर सैर कर समृद्धज्ञान की परंपराओं के सबर्धन में लगे वैज्ञानिक यंत्र प्रज्ञान के नाम पर ठाकुरजी की पोशाक का नाम प्रज्ञान प्रभास दिया गया है।