मथुरा में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर विकास प्राधिकरण का रुख सख्त, 194 भवन स्वामियों के 2.51 करोड़ रु जब्त

मथुरा। मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने 194 भवन स्वामियों की रेन वाटर हार्वेस्टिंग के प्रति लापरवाही को देखते हुए नक्शा पास करने के दौरान जमा की जाने वाली एफ डी की धनराशि जब्त कर ली है। एफडीआर के रूप में जब्त किए गए 2.51 करोड़ से अब विप्रा इंजीनियर संबंधित भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्लांट लगवाएंगे। इसमें बड़े कालोनाईजर एमपी इंफ्रा स्टेक्चर, एमएल अरोड़ा, राधावेली श्री ग्रुप, देवेश इंफ्रा स्टेक्चर आदि निजी लोग भी शामिल हैं।

शासन की गाइड लाइन के तहत 200 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में भवन निर्माण पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान अनिवार्य है। इसके लिए नक्शा की स्वीकृति के दौरान एफडीआर के रूप में तय राशि जमा करनी होती है। मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण में पिछले कुछ समय के दौरान 466 प्लाट पर भवन स्वामियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान करने की शर्त पर भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की इसके लिए एफडीआर भी जमा कराई जाती है । अप्रैल माह तक 194 भवन स्वामियों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान कर लिए जाने की जानकारी नहीं दी। यहां तक कि एफडीआर वापसी के लिए आवेदन भी नहीं किया। इस पर विकास प्राधिकरण के सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी ने संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए। इस पर भी 164 भवन स्वामियों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर सचिव के नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इस लापरवाही को देखते हुए विकास प्राधिकरण ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बरसात से पहले ही उनके यहाँ अपने स्तर से रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगवाने का फैसला किया है।

मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी.

रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर लापरवाह कालोनाईजर और भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए थे। अब उनकी 2.51 करोड़ की एफडीआर जब्त करते हुए संबंधित भवनों में इनका निर्माण कराए जाने का फैसला किया गया है।