मथुरा में विद्यार्थी बनेंगे ‘स्वच्छता प्रहरी’, नालियों और खाली प्लॉटों में कचरा फेंकने वालों को करेंगे जागरूक
मथुरा। नगर निगम मथुरा-वृन्दावन एवं प्रोजेक्ट मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को भूतेश्वर स्थित नवीन सदन में “क्लाइमेट पे चर्चा” पहल का भव्य आगाज हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जागरूकता रैलियों और पोस्टर गतिविधियों तक सीमित न रखकर, उन्हें शहर की जमीनी पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान से सीधे जोड़ना है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगर आयुक्त जग प्रवेश एवं अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने दो-टूक शब्दों में कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने अपील की कि यदि जनता कचरा केवल निगम की गाड़ियों में ही डालना शुरू कर दे, तो कान्हा की नगरी को सुंदर बनने से कोई नहीं रोक सकता।
प्रोजेक्ट मथुरा के संस्थापक सीए विपुल अग्रवाल ने बताया कि इस बार विद्यार्थियों को व्यावहारिक कार्य सौंपे गए हैं। ईको क्लब के सदस्य अब अपने क्षेत्रों में कचरा गाड़ी के समय पर आने का समन्वय करेंगे। कचरा जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को टोकेंगे। नालियों और खाली प्लॉटों में कचरा फेंकने से होने वाले आर्थिक और स्वास्थ्य नुकसान के बारे में बताएंगे। इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा 4 जुलाई को होने वाली अगली बैठक में की जाएगी, जहाँ उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया जाएगा।
इस चर्चा में कान्हा माखन (मेन ब्रांच व मिलेनियम) आर्मी पब्लिक स्कूल ज्ञान दीप रमणलाल शोरावाल और पुलिस मॉडर्न स्कूल के ईको क्लब एवं ‘स्वयं सारथी’ क्लब के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत एक तीखे सवाल “आप कचरा कहाँ डालते हैं?” से हुई, जिसने विद्यार्थियों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम में शहर के जागरूक नागरिक दीपक गोयल, राजेन्द्र अग्रवाल, मुकेश सिंघल एवं विपिन सिंघल ने भी अपने विचार रखे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में बताया गया कि सड़कों पर फेंके गए कचरे को साफ करने में शहर के टैक्स पेयर्स की ही बड़ी धनराशि खर्च होती है जिसे विकास कार्यों में लगाया जा सकता है।