खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल: व्यापारियों ने 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर सुधार की उठाई मांग

मथुरा। प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के आह्वान पर मथुरा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार पिंटू के नेतृत्व में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित 12 सूत्रीय ज्ञापन कलेक्ट्रेट में खाद्य विभाग के डीआई धीरेंद्र प्रताप सिंह को सौंपा।
जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार पिंटू ने ज्ञापन देते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सैंपल भरते समय रिटेलर के साथ निर्माता को भी पार्टी बनाया जाता है, लेकिन निर्माता को जारी किया गया फार्म 5-क नहीं भेजा जाता जो नियमों के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि निर्माता को पार्टी बनाए जाने की स्थिति में फार्म 5-क पंजीकृत डाक से भेजना अनिवार्य किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सैंपलों की जांच रिपोर्ट महीनों में प्राप्त होती है, जबकि अधिनियम के अनुसार 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसलिए प्रदेश की सभी सरकारी प्रयोगशालाओं को निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
व्यापार मंडल ने मांग की कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 69 के तहत मामूली मामलों में शमन (कम्पाउंडिंग) की व्यवस्था लागू की जाए, जिससे व्यापारियों को त्वरित न्याय मिल सके और अनावश्यक मुकदमों का बोझ कम हो।
नगर अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद लोधी ने प्राइवेट लैब से जांच कर निर्माताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को गलत बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग उठाई। वहीं जिला उपाध्यक्ष भगवती चतुर्वेदी ने सैंपल रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और नए सिरे से मानक तय करने की बात कही।
खाद्य विभाग के डीआई धीरेंद्र प्रताप सिंह ने व्यापारियों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने और उन पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद लोधी, महामंत्री सतीश पटेल, भगवती चतुर्वेदी, पवन चौधरी लाला, मोहन पंडित, राजू वर्मा, उदित गोयल, रजत सैनी, संजू सैनी सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।