मथुरा में मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ बड़ा अभियान, दो दर्जन बुलेट के पंजीकरण निलंबित

ओवरलोडिंग और अनफिट स्कूली बसों पर भी आरटीओ सख्त; पाँच ट्रक सीज, 10 हजार जुर्माने की चेतावनी
​मथुरा। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार शनिवार को जनपद मथुरा में परिवहन विभाग ने ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध एक व्यापक घेराबंदी की। वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्री राजेश राजपूत के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई से वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया।

चेकिंग अभियान के दौरान टीम ने शहर के विभिन्न चौराहों पर लगभग 185 वाहनों की सघन जांच की। इसमें विशेष रूप से उन बुलेट और दोपहिया वाहनों को रोका गया जिन्होंने मानक के विपरीत मॉडिफाइड साइलेंसर लगवा रखे थे। अधिकारियों ने दो दर्जन से अधिक ऐसे वाहनों के चालान काटते हुए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के उल्लंघन में उनका पंजीकरण (RC) निलंबित कर दिया। इसके अलावा, प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न का उपयोग करने वाले 11 अन्य वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।
​सड़कों को नुकसान पहुँचाने वाले 05 ओवरलोड वाहन निरुद्ध
सड़कों की उम्र घटाने और हादसों का सबब बनने वाले ओवरलोड वाहनों पर भी कड़ा प्रहार किया गया। एआरटीओ राजेश राजपूत ने बताया कि कार्रवाई के दौरान 05 भारी वाहनों को ओवरलोड पाया गया जिन्हें तत्काल प्रभाव से थाना सुरीर और थाना मांट में निरुद्ध (सीज) कर दिया गया है।

परिवहन विभाग ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना वैध परमिट और अनफिट स्कूली बसों को सड़क पर पाए जाने पर सीधे जब्ती की कार्रवाई होगी।
​अभिभावक अपने बच्चों को जर्जर वैन या बसों में न भेजें और वाहन की फिटनेस खुद भी चेक करें।
​नियम तोड़ने पर 10,000 रुपये का भारी जुर्माना और पंजीकरण निरस्तीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

एआरटीओ राजेश राजपूत ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल राजस्व एकत्र करना नहीं है बल्कि मथुरा को सुरक्षित और ध्वनि प्रदूषण से मुक्त बनाना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी।”
​इस अभियान में एआरटीओ सत्येन्द्र कुमार सिंह, यात्रीकर अधिकारी संदीप चौधरी और पूजा सिंह सहित प्रवर्तन दल के अन्य सदस्य मुख्य रूप से शामिल रहे।