शनिधाम बनेगा आध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत संगम : पौराणिक वन के बीच ठहरने का मिलेगा आनंद

​कोकिलावन में 10 हेक्टेयर में बनेगा विशाल वेटलैंड, वन विभाग ने शुरू किया काम।
​20 एकड़ में तैयार होगा कृष्णकालीन पौराणिक वन; ब्रज के विलुप्त वृक्षों से महकेगा परिसर।
​परिक्रमा मार्ग पर दूधिया रोशनी से हुआ जगमग, रात में भी सुगम होगी राह।

​मथुरा । ब्रज दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब कोकिलावन (शनिधाम) केवल दर्शन और परिक्रमा तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर इसे एक ऐसे आध्यात्मिक और प्राकृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ भक्त प्रकृति की गोद में शांति का अनुभव कर सकेंगे। परिषद के सीईओ लक्ष्मी नागप्पन के निर्देश पर हाल ही में अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने विकास कार्यों का जायजा लिया। ​मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा कोकिलावन की पवित्र परिक्रमा को आकर्षक और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। पूरे परिक्रमा मार्ग पर आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगा दी गई हैं। इससे अब श्रद्धालुओं को देर शाम या रात्रि में भी परिक्रमा करने में कोई असुविधा नहीं होगी।

​पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए वन विभाग यहाँ 10 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशाल वेटलैंड विकसित कर रहा है। इसके साथ ही, अगली कार्ययोजना में 20 एकड़ क्षेत्र में एक विशेष ‘पौराणिक वन’ तैयार करने का प्रस्ताव है। इस वन में केवल उन्हीं प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे जिनका वर्णन द्वापर युग की श्रीकृष्ण लीलाओं और ब्रज संस्कृति में मिलता है।

​श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस पौराणिक वन के बीचों-बीच एक टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर (TFC) बनाने का प्रस्ताव है। इसका निर्माण धर्मार्थ विभाग द्वारा राजकीय निर्माण निगम के माध्यम से कराया जाएगा। यहाँ रुकने वाले श्रद्धालु कोयल की कूक और पक्षियों की चहचहाहट के बीच आध्यात्मिक शांति महसूस कर सकेंगे। ​निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, वन विभाग और विकास प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे। टीम में मुख्य रूप से पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा, उप प्रभागीय वनाधिकारी सुशील कुमार सिंह और सहायक अभियंता सुमित कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी शामिल थे।