मथुरा। यूपी की विभिन्न जिलों में सरकार द्वारा कैदियों के सुधार के लिए विभिन्न योजना चलाई जा रही है। प्रदेश के कारागार मंत्री चाहते है कि जेल में निरुद्ध कैदी एक बार अंदर आने के बाद पुन : ऐसा आचरण ना कर सके कि उन्हें फिर से जेल की हवा खानी पड़े इसके लिए वह नई नई योजनाएं उनके उत्थान के लिए ला रहे हैं। वर्तमान में जिला कारागार में निरुद्ध कैदी अपने हाथों से भगवान की पोशाक साड़ियां पेंटिंग श्रृंगार सामग्री बना रहे हैं। इसी दिशा में मथुरा के कैदियों द्वारा बनाई गई एक साड़ी कारागार मंत्री ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को शिष्टाचार मुलाकात के दौरान भेंट की जिसे देखकर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की।
आज राष्ट्रपति भवन में उत्तर प्रदेश के कारागार एवं होमगार्ड राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की और उनसे मार्गदर्शन प्राप्त किया। मंत्री ने मुलाकात के दौरान अलीगढ़ जिला जेल में बंदियों द्वारा निर्मित लकड़ी का शिवलिंग,बांसुरी, ओम की आकृति, मथुरा जिला जेल में निर्मित साड़ियां, भगवान कृष्ण की पोशाक, इसी प्रकार लखनऊ जिला जेल में निर्मित दीवाल पर बंदियों द्वारा उकेरी गयी कलाकृति, गाजियाबाद जिला जेल में निर्मित कृष्ण भगवान की फोटो इत्यादि उनको भेंट की। साथ ही विभिन्न जेलों में निर्मित उत्पादों की जानकारी भी दी।
कारागार मंत्री ने मुलाकात के दौरान 1 वर्ष के कार्यकाल में 50 से अधिक जेलों में बंदियों से किए गए संवाद का व्यक्तिगत अनुभव भी राष्ट्रपति से साझा करते हुए जेलों में सुधार संबंधी अन्य विषयों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की एवं राष्ट्रपति के विचारों, अनुभवों को गंभीरतापूर्वक सुना।
कारागार मंत्री ने उनको अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश की जेलों में अंग्रेजों के समय से चले आ रहे जेल मैनुअल में बदलाव सहित बहुत सारे अन्य सुधार एवं कार्य किए गए हैं। बड़ी संख्या में महिलाओं ने रक्षाबंधन, करवा चौथ, भैया-दूज का त्यौहार मनाया। जेल मैनुअल की व्यवस्था अनुसार उन्हें सुविधाएं भी मुहैया कराई गयी। जेलों में बंदियों को कौशल विकास से जोड़कर हुनरमंद बनाया जा रहा है एवं उनके निर्मित उत्पादों को ओडीओपी से भी जोड़ा जा रहा है जिससे कि बंदी आत्मनिर्भर बनें,और जेल से निकलकर स्वरोजगार खुद को जोड़ सकें।