डकैती के 15 दिन बाद मथुरा पुलिस ने एनकाउंटर में दो बदमाशों को किया ढेर

मथुरा। सुरीर थाना क्षेत्र के टैंटीगांव में हुई सनसनीखेज डकैती का गुरुवार सुबह पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मारे गए बदमाशों की पहचान राजस्थान निवासी धर्मवीर उर्फ लंबू और राजेंद्र उर्फ पप्पू के रूप में हुई है, जो कुख्यात बावरिया गैंग के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। दोनों पर डीआईजी स्तर से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
गुरुवार सुबह टैंटीगांव क्षेत्र में पुलिस को बदमाशों की मौजूदगी की सूचना मिली। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और कांस्टेबल दुर्विज सिंह भी घायल हुए हैं।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि 23 अप्रैल की रात नकाबपोश बदमाशों ने व्यवसायी अजय अग्रवाल के घर में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया था। बदमाश करीब दो घंटे तक घर में आतंक मचाते रहे और 3.22 लाख रुपये की नकदी तथा करीब 12 लाख रुपये के आभूषण लूट ले गए थे। जाते समय बदमाश सीसीटीवी कैमरे तोड़कर डीवीआर भी अपने साथ ले गए थे ताकि पहचान न हो सके।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस की 17 टीमें लगाई गई थीं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए अलीगढ़ जिले के खैर तक पहुंची। वहीं 25 अप्रैल को खैर क्षेत्र में भी इन्हीं बदमाशों ने एक व्यापारी के घर डकैती का प्रयास किया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने बदमाशों की पहचान कर ली थी।
एसएसपी ने बताया कि दोनों अपराधी बेहद शातिर थे और अलग-अलग नाम-पते से जेल जाते थे। इनके खिलाफ डकैती, हत्या समेत गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। एक बदमाश पर 16 और दूसरे पर 11 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से डकैती का माल, नकदी और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।
मथुरा पुलिस अब बावरिया गैंग के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुट गई है। इस कार्रवाई को जिले में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी पुलिस सफलता माना जा रहा है।