माँ यमुना का भव्य जन्मोत्सव 24 मार्च को , प्रदूषण के खिलाफ जन-जागरण का बिगुल
विश्राम घाट से निकलेगी जन-जागरण शोभायात्रा, संतों और संगठनों का समर्थन
मथुरा । श्री माथुर चतुर्वेद परिषद के तत्वावधान में 24 मार्च को माँ यमुना का भव्य जन्मोत्सव श्रद्धा और जनजागरण के साथ मनाया जाएगा। इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में परिषद के मुख्य संरक्षक एवं अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के मुख्य संरक्षक महेश पाठक ने यमुना की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की महामहिम राष्ट्रपति के आगमन के दौरान भी किसी जनप्रतिनिधि या संगठन ने यमुना की दुर्दशा की ओर ध्यान नहीं दिलाया। यहाँ तक कि ब्रज के प्रमुख संत प्रेमानंद जी महाराज से भेंट के समय भी यमुना प्रदूषण का मुद्दा नहीं उठाया गया। उन्होंने सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी माँ यमुना आज प्रदूषण से त्रस्त हैं, लेकिन केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा अब तक कोई ठोस योजना लागू नहीं की गई है। केवल घोषणाओं से यमुना शुद्ध नहीं होगी।
परिषद के महामंत्री राकेश तिवारी एडवोकेट ने कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 23 मार्च की सायंकाल विश्राम घाट पर भव्य काव्य संध्या आयोजित होगी। वहीं 24 मार्च को प्रातः 11 बजे सामूहिक यमुना पूजन किया जाएगा और सायं 4 बजे जन-जागरण शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा विश्राम घाट से प्रारंभ होकर प्रयाग घाट, दाऊजी घाट, आगरा होटल, बंगाली घाट, आर्य समाज रोड, होली गेट, छत्ता बाजार होते हुए पुनः विश्राम घाट पर संपन्न होगी।
इस आयोजन को मान मंदिर सेवा संस्थान (बरसाना), वामन भगवान महोत्सव समिति, अखिल भारत हिंदू महासभा (चक्रपाणि ग्रुप), भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति, योगमाया मंदिर, ब्रज तीर्थ देवालय न्यास, भारतीय किसान यूनियन (भानू) सहित अनेक संतों और संगठनों का समर्थन प्राप्त है। गोकुल के पंकज बाबा भी प्रतिवर्ष की भांति इसमें शामिल होंगे।
परिषद ने ब्रजवासियों और श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि वे इस जनआंदोलन से जुड़कर यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए अपनी आवाज बुलंद करें, ताकि सरकारें जागें और समयबद्ध ठोस योजना लागू करें। प्रेस वार्ता में गिरधारी लाल पाठक, संजय चतुर्वेदी, कमल चतुर्वेदी, नीरज चतुर्वेदी, सौरभ पंडित, पंकज चतुर्वेदी, शिवकुमार चतुर्वेदी, अमित चतुर्वेदी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।