वृंदावन, (राजपथ ब्यूरो/पुनीत शुक्ला) गुरुवार दोपहर नगर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक मरीज की जान जाने से उसके परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर की दुकान पर हंगामा कर दिया। बताया जाता है कि वृंदावन के गोपीनाथ नगला निवासी लगभग 50 वर्षीय दाऊ दयाल कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थे। जिनका इलाज सीएफसी चौराहा स्थित अग्रवाल मेडिकल स्टोर के संचालक गिरधारी लाल अग्रवाल द्वारा किया जा रहा था। मृतक के भतीजे ने बताया कि आज तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण वे अपने चाचा को डॉक्टर के पास लाए थे। जहां गिरधारी ने मरीज को इंजेक्शन लगाया जिसके कुछ देर बाद ही उनकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई।
आनन-फानन में डॉक्टर ने उन्हें सरकारी अस्पताल में ले जाने के लिए कहा लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजन उनके शव को लेकर झोलाछाप डॉक्टर की दुकान पर आ गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। तभी किसी ने पुलिस को फोन कर दिया और पुलिस ने आनन-फानन में मामले को संभाल लिया। इसी के साथ पुलिस ने मृतक के शरीर को 100 सैया अस्पताल भेज दिया। जहां उसकी कोरोना जांच के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। शहर में इस तरह के झोलाछाप डॉक्टर हद से ज्यादा मौजूद है जोकि आए दिन जनता की जान से खिलवाड़ करते रहते हैं। इस कोरोना महामारी के समय भी यह नोट छापने में लगे हैं। मृतक के परिजनों ने बताया कि दूसरे अस्पताल में ले जाने से पहले डॉक्टर ने पंद्रह सौ रुपए उनसे वसूल लिए।
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