कलैक्ट्रेट परिसर में जलभराव-गंदगी देख डीएम खफा, जन सुनवाई में सुनी समस्याएं

मथुरा। बुधवार को नये जिलाधिकारी ने कलैक्ट्रेट परिसर का सघन निरीक्षण करते हुये साफ-सफाई , जल भराव पर आक्रोश व्यक्त करते हुये अधिनस्थ अधिकारियों को दूर दराज से आने वाले आम नागरिकों को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिये है। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने आज कलैक्ट्रेट स्थित अपने कार्यलय में नियत समय पहुंचकर जन सुनवाई की। इस दौरान करीब एक दर्जन लोगों के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुये सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित गति से कार्यवाही करने के आदेश दिये। इसके उपरांत समूचे कलैक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यलयों का निरीक्षण किया। साथ चल रहे नगर मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे को उन्होने गंदगी और जलभराव कतई न होने की बात कहते हुये जर्जर भवनों को निस्प्रयोज्य करने की कार्यवाही के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने जगह-जगह खड़े आड़े तिरछे वाहनों पर आपत्ति जताते हुये तत्काल पार्किंग की व्यवस्था के निर्देश दिये। इस दौरान उन्होनें एक-एक कर्मचारी के पटल पर जाकर कार्य सम्बन्धी जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुराने कलैक्टर कार्यालय के निर्माण की गति पर सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिये कि अविलम्ब लोक निर्माण निर्माण विभाग से समन्वय स्थापित कर कार्य को पूरा कराया जाये ताकि अन्य अधिकारी और कर्मचारियों के बैठने की समस्या का निदान हो सके।
उन्होंने सिविल डिफेन्स कार्यालय में गौवंश में हो रही लम्पी बीमारी और वर्तमान में चल रही कोरोना की तीसरी लहर के लिए स्थापित हैल्पलाइन के बारे में जानकारी लेने के पश्चात कहा कि हैल्पलाइन के नम्बर अधिक से अधिक गौपालकों के पास होने चाहिए। इसके लिए उन्होंने प्रचार-प्रसार के साथ-साथ विशेषज्ञों की ड्यिूटी परिवर्तित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वाटर कूलर की मरम्मत की भी बात कही। जिलाधिकारी ने राजकीय कैन्टीन के निरीक्षण के दौरान अपने गनर पुलिस कर्मी से पूछा कि तुम्हारा कार्ड बना हुआ है कि नही, उसके मना करने पर कहा कि सबकेे कार्ड बनना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विजय शंकर दुबे, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आईएएस धु्रव खाडिया आदि मौजूद रहे।