मथुरा । ब्रज की पावन धरा पर गौ-सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष और केएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी ने गुरुवार को एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित गौशाला में पहुंचकर उन्होंने गौ-वंश की सेवा की और लोगों को पशु संरक्षण के प्रति जागरूक किया। गौशाला भ्रमण के दौरान उनका भावनात्मक रूप देखने को मिला। उन्होंने गौशाला में जन्मे एक नन्हे बछड़े को गोद में उठाकर दुलार किया और गौ-माताओं को अपने हाथों से गुड़ और चना खिलाया। इस दौरान मौजूद लोग उनकी आत्मीयता देखकर भावुक हो उठे। अपनी संस्कृति से गहरे जुड़े होने के कारण उनकी दिनचर्या की शुरुआत भी गौ-सेवा से होती है।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और यह केवल आस्था का विषय नहीं बल्कि करुणा और मानवता का प्रतीक है। निस्वार्थ भाव से की गई गौ-सेवा मानसिक शांति के साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने गौशाला की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर प्रबंधन को आवश्यक निर्देश भी दिए। गौ-वंश के लिए नियमित भोजन शुद्ध पानी और उचित देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही साफ-सफाई और पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए ताकि किसी भी पशु को असुविधा न हो। अंत में उन्होंने युवाओं और समाज के प्रबुद्ध लोगों से अपील की कि वे भी अपनी क्षमता के अनुसार गौ-सेवा और पशु संरक्षण के कार्यों में आगे आएं ताकि समाज में संवेदना और सद्भाव को मजबूती मिल सके।